देवरिया में भूमि विवाद को लेकर मंगलवार की शाम कुछ लोगों ने एक पक्ष पर हमला कर सात लोगों की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना में घायल कार्रवाई के लिए सड़क पर लेट चक्का जाम कर दिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठी भांज कर जाम समाप्त कराया। एक दिन पहले ही दोनों पक्षों ने थाने में 4 घंटे तक पंचायत की थी। घायलों ने हल्का दरोगा और सिपाहियों पर रूपए लेकर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के बहोरपुर गांव निवासी रामबली चौहान ने 5 कट्ठा जमीन बैनामा खरीदी है। खरीदी गई जमीन पर वह मकान निर्माण करा रहे हैं। सोमवार को छत की ढलाई के लिए शटरिंग का काम चल रहा था। दूसरे पक्ष के लल्लन चौहान ने छज्जा अधिक निकालने की शिकायत करते हुए काम रुकवा दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने पर तलब किया। सोमवार को रामबली चौहान ने अपने जमीन का पूरा कागजात और पैमाइश पुलिस को दिखा दिया। बावजूद इसके पुलिस ने उसका निर्माण कार्य नहीं होने दिया।
रामबली चौहान का आरोप है कि हल्का दरोगा और पुलिसकर्मियों ने दूसरे पक्ष से रुपया लेकर छज्जा न निकलवाने की धमकी भी दी थी। पंचायत के दौरान ग्राम प्रधान रतंजय यादव ने 2 दिन बाद दोबारा पैमाइश कराने की बात कही थी। आरोप है कि मंगलवार की शाम दूसरे पक्ष ने बाहरी लोगों को बुलाकर रामबली के घर वालों पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडे और धारदार हथियार से जमकर पिटाई की गई। दूसरे पक्ष ने रामबली के परिजनों पर जमकर ईंट पत्थर भी चलाए।
घटना में रामबली चौहान 55 वर्ष, तेतरी देवी 52 वर्ष, मिथिलेश चौहान 28 वर्ष, संजय कुमार 34 वर्ष , आनंद कुमार 35 वर्ष, शोभा 16 वर्ष, रंभा देवी 28 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों का आरोप था कि कई बार फोन करने के बावजूद न तो डायल 112 के पुलिसकर्मी पहुंचे और ना ही थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जबकि हमलावर उनकी पिटाई करते रहे। बाद में ग्रामीणों के बीच बचाव पर मामला शांत हो सका।
हमलावरों के भाग जाने के बाद मुकामी पुलिस गांव पहुंची और घायलों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी आई। घायलों को अस्पताल में उतारकर पुलिसकर्मी थाने चले गए। इस पर घायल व उनके परिजन आक्रोशित हो गए और पीएचसी गेट के सामने देवरिया-कसया मार्ग पर लेट कर चक्का जाम कर दिया। इसके चलते सड़क की दोनों पटरियों पर वाहनों का तांता लग गया। आधे घंटे बाद तीन पुलिसकर्मी चौराहे पर पहुंचे और समझाना शुरू किया, लेकिन घायल कार्यवाही की मांग पर अड़े रहे और सड़क पर ही लेटे रहे।
थोड़ी देर बाद थाने से आधा दर्जन दरोगा और एक दर्जन सिपाही और महिला कांस्टेबल जाम स्थल पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने बिना कुछ बात किए चौराहे पर लाठी भांजना शुरू कर दिया। वहीं सादे ड्रेस में एक युवक ने जमकर लोगों पर लाठियां चटकाईं। हालांकि जाम समाप्त होते ही सादे कपड़े वाला युवक मौके से खिसक लिया। थानाध्यक्ष घनश्याम सिंह ने कहा कि घायलों का इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।