निजीकरण के विरोध में कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली विभाग के कर्मचारी आंदोलनरत हैं। मंगलवार को भी मुख्यालय स्थित एक्सईएन कार्यालय पर कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर सरकार के प्रति विरोध जताया। साथ ही सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। चेताया की मांगों पर सरकार ने विचार नहीं किया तो कर्मचारी उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे। समिति के जिला संयोजक शिवनारायण राम ने कहा कि निजीकरण किसी के हित में नहीं है। इससे बिजली की दर में बेतहाशा वृद्धि होगी। इसका भार गरीब, मध्यम वर्ग, किसानों एवं मजदूर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बिजली आम नागरिक की पहुंच से दूर हो जाएगा। वहीं बिजली की दरें बढ़ने से महंगाई चरम पर बढ़ जाएगी। प्रदेश के गरीब जनता का दोहन होगा। कहा कि निजीकरण से बेरोजगारी भी बढेगी, पढ़े लिखे युवा सार्वजनिक सेवा से वंचित होकर निजी हाथों की कठपुतली बन जाएंगे। दलसिंगार यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार को निजीकरण के निर्णय पर पुन: विचार करते हुए लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना चाहिए। इस मौके पर संतोष कुमार, अभिमन्यु प्रसाद, घनश्याम, जयप्रकाश, मनोज कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, रवि प्रकाश, रमाशंकर मौर्य, दीपक सिंह, शनि गुप्ता, अरविंद पाल, अजय कुमार, शिवराम, शैलेष, सुनील, दिनेश सिंह आदि उपस्थित रहे।