नवाबगंज में वकीलों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद कोतवाल की कार्यप्रणाली को लेकर वकीलों में भारी गुस्सा है। इससे नाराज वकीलों ने बार अध्यक्ष के नेतृत्व में एसएसपी से मुलाकात कर गहरी नाराजगी जताई एवं कोतवाल के स्थानांतरण की मांग की।
तहसील में वकालत करने वाले अधिवक्ता प्रिया शंकर के पास मुंशी का कार्य करने वाले मोतीराम के बेटे नंद किशोर और उसकी पत्नी के बीच चार दिन पूर्व विवाद हो गया था। जिसकी शिकायत उसकी पत्नी ने पुलिस से की तो पुलिस ने मुंशी के बेटे को पकड़ लिया। वकील उसे छुड़ाने गए तो उनकी पुलिस से नोकझोंक हो गई। पुलिस ने मुंशी की पुत्रवधू की ओर से बार के पूर्व सचिव समेत तीन अधिवक्ताओं और उसके ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अधिवक्ताओं और ससुराल वालों की गिरफ्तारी न होने से नाराज मुंशी की पुत्रवधू ने सोमवार को तहसील चौराहे पर आत्महत्या का प्रयास किया था जिस पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। वकीलों का आरोप है कि कोतवाल ने खुद ही बोलकर प्रार्थना पत्र तैयार करने के बाद वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। अगले दिन उन्होंने मुंशी की पुत्रवधू को बुलाकर उससे आत्महत्या करने का प्रार्थना-पत्र लिखवाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करा दिया। बाद में उन्होंने बार अध्यक्ष के घर समेत कस्बे में विभिन्न स्थानों पर पुलिस फोर्स तैनात कर महिला को आत्म हत्या के इरादे से भेज दिया। बाद में उन्होंने उसे पकड़ लिया जिससे नाराज बार अध्यक्ष रवींद्रपाल सिंह गंगवार के नेतृत्व में बरेली और नवाबगंज के वकीलों ने एसएसपी से मुलाकात कर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके स्थानान्तरण की मांग की। इसमें अधिवक्ता कुंवरसेन, निरंजन देव, संजय सिंह आदि थे।