रेलवे स्टेशन रेवती को हाल्ट बनाने के रेल प्रशासन के निर्णय के खिलाफ लोग मुखर हो रहे हैं। रविवार को व्यपारियों ने स्टेशन पर नारेबाजी व प्रदर्शन करने के साथ सहायक स्टेशन मास्टर एपी मिश्र को ज्ञापन सौंपा। कहा कि अगर रेल अफसर अपने निर्णय पर विचार नहीं करेंगे तो स्टेशन के वजूद को बचाने के लिये आंदोलन किया जायेगा।
रेल मंत्री को सम्बोधित ज्ञापन के जरिये व्यपारियों ने कहा है कि 15 अगस्त 1942 में स्वतंत्रता सेनानियों ने दलछपरा से पचरुखा तक रेल लाइन को उखाड़ दिया तथा स्टेशन को आग लगा दी। उस आंदोलन का रेलवे स्टेशन रेवती जिंदा दस्तावेज है। उनका कहना है कि इससे छेड़छाड़ करना देश आजाद कराने में अपनी जान की कुर्बानी देने वालों का अपमान है। उनका कहना है कि नपं कार्यालय, ब्लॉक मुख्यालय, बाजार व कॉलेज आदि होने के चलते स्टेशन का दर्जा बहाल रहना जरुरी है। इस मौके पर विरेन्द्र गुप्त, नंदलाल केशरी, अनिल केशरी, संथिल गुप्त, राजेश केशरी, टीके गुप्ता, महेश प्रसाद, पंकज केशरी, पवन केशरी,राजू गुप्ता, नूर आलम, योगेन्द्र केशरी, दिलीप केशरी, अजय केशरी, सतीश गुप्ता, राघवेंद्र तिवारी बब्लू, ओम प्रकाश कुंवर, नरायण जी केशरी, अरमान हुसैन, राकेश गुप्ता आदि थे।