उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) की बैठक शुक्रवार को नगर के बीएन इंटर कालेज में हुई। जिलाध्यक्ष राजाराम वर्मा की अध्यक्षता व जिलामंत्री अजय यादव के संचालन में हुई बैठक में सदस्यता अभियान, कोरोना महामारी के कालावधि में शिक्षकों के साथ किए जा रहे सरकार की बेरुखी, आनलाइन शिक्षण व्यवस्था व तदर्थ शिक्षकों के सेवा सुरक्षा समेत अन्य शिक्षक समस्याओं पर गहन विचार विमर्श किया गया। बाद में जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन देकर समस्याओं के निराकरण कराने की मांग की गई।
बैठक में जिलाध्यक्ष राजाराम वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के कालावधि में शासन का कोई स्पष्ट आदेश न होने की स्थिति में भी शिक्षकों/कर्मचारियों को जुलाई से ही स्कूल में उपस्थित होने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे तमाम शिक्षक कोरोना से संक्रमित हुए और कुछ साथी कोरोना के ही वजह से काल के गाल में समा गए। कोरोना महामारी के दौर में संगठन ने शिक्षकों के सुरक्षा के लिए सरकार से 50 लाख का बीमा की भी मांग की किंतु उसको सरकार ने दरकिनार कर दिया। दूसरी तरफ नियमों को दरकिनार कर शिक्षक हितों के विपरीत हमेशा एक से बढ़कर एक तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आनलाइन पढ़ाई से गरीब परिवार के बच्चे दूर हैं। सरकार ऐसी व्यवस्था करे जिससे गरीब छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक भुखमरी के कगार पर हैं, उनके लिए मानदेय की व्यवस्था की जाए। बैठक के बाद एक ज्ञापन जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा गया एवं वित्त लेखाधिकारी से विभिन्न समस्याओं के बारे में बात की गई। तदर्थ शिक्षकों को नियमित शिक्षक किया जाए, उनके साथ किसी प्रकार का उनके जीवन के साथ अन्याय न होने पाए, बीएन इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त हिंदी प्रवक्ता रेवती रमण पांडेय के प्रवक्ता पद पर पदोन्नत होने के कारण उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद भी आर्थिक क्षति की अभी पूर्ति नहीं की गई, इस संबंध में भी डीआईओएस से वार्ता की गई। बैठक में कोषाध्यक्ष दिनेश मिश्र, अमित यादव, डॉ. विजय वर्मा, श्याम मोहन पटेल, बृजेश वर्मा, सभाजीत वर्मा, भोलानाथ, रवीन्द्र, आनंद दूबे, अर्जुन प्रसाद, राजित राम यादव, अखिलेश मिश्र व अन्य मौजूद रहे।