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अपने ही विभाग के आईपीएस अफसरों को पकड़ने में नाकाम यूपी पुलिस

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अपने ही विभाग के आईपीएस अफसरों को पकड़ने में नाकाम यूपी पुलिस

उत्तर प्रदेश : हमेशा अपराधियों को पकड़ने में लगी यूपी पुलिस कुछ समय से अपने ही विभाग के आईपीएस अफसरों को पकड़ने में लगी है। पर, सफलता हाथ नहीं लग रही। दरअसल, यूपी पुलिस दो आईपीएस अफसर इस समय फरार हैं, जिनकी तलाश में कई टीमें खाक छान रहीं हैं।

पुलिस के साथ एसटीएफ भी इनकी तलाश में लगी है, लेकिन अभी भी इनके हाथ खाली है। आइए आपको भी बताते हैं कौन हैं ये दो आईपीएस अफसर।

अगर पहले आईपीएस अफसर की बात करें तो ये हैं महोबा के निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार। महोबा के एसपी रहे मणिलाल पाटीदार के खिलाफ 10 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था।

उनके खिलाफ कुछ दिन बाद ही लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण की अदालत ने वारंट जारी कर रखा है। उनकी गिरफ्तारी के लिए आईजी रेंज के स्तर से एसआईटी तक गठित है।

महोबा की पुलिस टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली से लेकर राजस्थान तक दबिश दे रही हैं लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। वहीं उनका नाम क्रशर व्यापारी हत्याकांड में भी आ रहा है।

जांच में ये बात भी सामने आई थी कि निलंबित एसपी लगातार मृतक व्यापारी से रंगदारी की मांग करते थे। इसी मामले के बाद से ये फरार हैं।

अगर दूसरे आईपीएस अफसर की बात करें तो पूर्व आईपीएस अरविन्द पर पशुपालन विभाग में टेंडर के नाम पर ठगी और भ्रष्टाचार के मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में 13 जून को मुकदमा दर्ज हुआ था। वह एसटीएफ की जांच में दोषी पाए गए थे।

अग्रिम जमानत के लिए दायर उनकी अर्जी कोर्ट से निरस्त कर दी गई है। अब पुलिस की टीमें लखनऊ से लेकर फैजाबाद व अंबेडकरनगर तक उनकी तलाश कर रही हैं। इसके लिए कई टीमों का गठन किया गया है। अरविन्द फैजाबाद के रहने वाले हैं और पूर्व सांसद स्व. मित्रसेन यादव के पुत्र हैं।

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