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2593 के प्रस्ताव के तहत तालिबान के आतंकी नेताओं की कुर्सी छिन सकती है UNSC, जानिए क्या है 2593 प्रस्ताव

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से तालिबान लगातार अफगान नागरिकों पर अत्याचार कर रहा है। जिससे वहां के नागरिकों का जीना दुभर हो गया है। वहीं अफगानिस्तान के नवयुक्त सरकार से नागिरकों में खौफ का माहौल है। जिस खौफ को खत्म करने के लिए UNSC के पास एक ऐसा हथियार है, जिसके इस्तेमाल से अफगानिस्तान की नई सरकार धराशाई हो जाएगी।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से तालिबान लगातार अफगान नागरिकों पर अत्याचार कर रहा है। जिससे वहां के नागरिकों का जीना दुभर हो गया है। वहीं अफगानिस्तान के नवयुक्त सरकार से नागिरकों में खौफ का माहौल है। जिस खौफ को खत्म करने के लिए UNSC के पास एक ऐसा हथियार है, जिसके इस्तेमाल से अफगानिस्तान की नई सरकार धराशाई हो जाएगी।

आपको बता दें कि अफगानिस्तान के नवनियुक्त सरकार में 33 मंत्रियों में से 17 नामित आतंकी (Terrorists) हैं। दरअसल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 कमिटी की प्रतिबंध सूची में इन 17 आतंकियों का नाम शामिल है। तालिबान ने भले ही आतंकियों को कैबिनेट में जगह दे दी हो, लेकिन UNSC अपने 2593 प्रस्ताव के तहत इन सभी मंत्रियों को हटाने की मांग कर सकता है। बता दें कि दिसंबर 2022 तक 1267 कमिटी की अध्यक्षता भारत कर रहा है।

2593 प्रस्‍ताव के दूसरे पैरे में इस बात का साफ तौर पर जिक्र किया गया है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश को धमकाने या हमला करने के लिए नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही अफगानिस्‍तान की जमीन का इस्‍तेमाल किसी भी आतंकी संगठन केा शरण देने या ट्रेनिंग देने के लिए, आतंकी हमलों की प्लानिंग करने या फिर आतंकवाद से जुड़ा फंड हासिल करने के लिए नहीं किया जाएगा। अफगानिस्तान में आतंकवाद का मुकाबला करने के महत्व को दोहराते हुए, संकल्प 2593 उन व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आह्वान करता है, जिन्हें संकल्प 1267 (1999) के अनुसार नामित किया गया है।

तालिबान को भले ही इस प्रस्‍ताव में किसी आतंकी संगठन के तौर पर शामिल न किया गया हो, लेकिन इससे जुड़े कई नेता 1267 के तहत आते हैं। इस लिस्ट में अफगानिस्तान के गृहमंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी सबसे प्रमुख हैं। बता दें कि हक्‍कानी नेटवर्क के प्रमुख सिराजुद्दीन को संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका जैसे देश आतंकी घोषित कर चुके हैं। सिराजुद्दीन पर 36 करोड़ रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई है।

सिराजुद्दीन के अलावा अब्दुल हक वासीक, उप रक्षा मंत्री मोहम्मद फजल, सूचना और प्रसारण मंत्री खैरुल्लाह खैरख्वा और सीमा और जनजातीय मामलों के मंत्री नूरुल्ला नूरी भी आतंकी लिस्ट में शामिल हैं। तालिबान ने जिस तरह से प्रस्ताव 2593 का उल्‍लंघन करते हुए अपनी कैबिनेट में आतंकियों को जगह दी है, उसके बाद से तालिबान सरकार पर यूनाइटेड नेशंस के प्रतिबंध लगा सकता है।

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