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मोहन सरकार के दो वर्ष : MSME विभाग की दो साल की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड

मंत्री चैतन्य काश्यप बोले- उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में आया बड़ा बदलाव...

By: Abhinav Tiwari 
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मोहन सरकार के दो वर्ष : MSME विभाग की दो साल की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड

मध्य प्रदेश सरकार के एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने आज राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने विभाग के दो वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। मंत्री ने कहा कि बीते दो वर्षों में मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है और राज्य निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभरा है।

क्षेत्रीय निवेशक समिट और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से बढ़ा भरोसा

मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में आठ क्षेत्रीय निवेशक समिटों का आयोजन किया गया। इन समिटों के माध्यम से न केवल निवेश के नए अवसर खुले, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का मार्ग भी प्रशस्त हुआ। उन्होंने कहा कि भोपाल में पहली बार आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने देश-विदेश के निवेशकों का मध्य प्रदेश पर भरोसा और मजबूत किया है।

उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर आयोजित इस समिट में देश और विदेश के प्रमुख स्टार्टअप उद्यमियों ने भाग लिया और मध्य प्रदेश के युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया। समिट में प्राप्त कुल निवेश प्रस्तावों में से लगभग 750 प्रकल्प वर्तमान में प्रगति पर हैं।

2025 में एमएसएमई की तीन नई नीतियां लागू

चैतन्य काश्यप ने बताया कि वर्ष 2025 में एमएसएमई विभाग द्वारा तीन महत्वपूर्ण नई नीतियां लागू की गई हैं। इनमें एमपी स्टार्टअप नीति 2025, उद्योगों के लिए भूमि आवंटन नीति, और मध्यम उद्योगों की लिस्टिंग नीति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन नीतियों का उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करना, उद्योगों को पूंजी जुटाने में मदद करना और युवाओं को रोजगार से जोड़ना है।

सब्सिडी और शेयर बाजार में एंट्री का रास्ता

चैतन्य काश्यप ने बताया कि मध्यम उद्योगों में 73 प्रतिशत निवेश पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे उद्यमियों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब तक प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों की स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग अपेक्षाकृत कम रही है। इसे बढ़ाने के लिए नई लिस्टिंग नीति लाई गई है, जिससे अब मध्यम उद्योग भी शेयर बाजार में पंजीकरण कर सकेंगे।

औद्योगिक विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति

चैतन्य काश्यप ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास का अग्रणी राज्य बनाना और युवाओं के लिए निरंतर रोजगार के अवसर पैदा करना है। नई नीतियों, बढ़े हुए अनुदान और निवेश अनुकूल वातावरण के चलते प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को नई रफ्तार मिलेगी और आने वाले वर्षों में रोजगार के अवसर और तेजी से बढ़ेंगे।

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