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मोहन सरकार के दो वर्ष: खाद्य विभाग की ऐतिहासिक उपलब्धियां

पारदर्शिता, तकनीक और गरीब कल्याण से बदली सार्वजनिक वितरण प्रणाली...

By: Abhinav Tiwari 
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मोहन सरकार के दो वर्ष: खाद्य विभाग की ऐतिहासिक उपलब्धियां

मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बीते दो वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभाग की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि पारदर्शिता, तकनीक और गरीब कल्याण को केंद्र में रखकर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश “विकास और विरासत” के संकल्प को साकार कर रहा है, जिसमें खाद्य विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

5.25 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क अनाज

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 करोड़ 25 लाख से अधिक हितग्राहियों को करीब 22,800 करोड़ रुपये मूल्य का निःशुल्क अनाज वितरित किया गया। मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। हितग्राहियों को एसएमएस अलर्ट से राशन उपलब्धता की सूचना, 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में पात्र सूची का सार्वजनिक वाचन जैसी व्यवस्थाओं से जोड़ा गया है।

ई-केवाईसी में बड़ी सफलता

खाद्य विभाग ने ई-केवाईसी सत्यापन में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब तक 1 करोड़ 70 लाख से अधिक हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जो लक्ष्य का 93 प्रतिशत है। बायोमेट्रिक और “मेरा ई-केवाईसी ऐप” के माध्यम से फेस वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। वहीं 5 वर्ष तक के बच्चों, 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों और दिव्यांगजनों को विशेष छूट प्रदान की गई है। इसके साथ ही:

  • 14 लाख नए पात्र हितग्राही जोड़े गए

  • “वन नेशन-वन राशन कार्ड” से प्रवासी श्रमिकों को लाभ मिला

उज्ज्वला और अन्नदूत योजना से राहत

उज्ज्वला योजना के तहत 6 करोड़ 17 लाख से अधिक गैस रिफिल कराए गए, जिन पर 911 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। शहरी गैस वितरण नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। “आपका राशन आपके द्वार” योजना के अंतर्गत 89 दूरस्थ आदिवासी गांवों में घर-घर राशन पहुंचाया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना के जरिए जीपीएस तकनीक से राशन परिवहन की राज्य-स्तरीय निगरानी की जा रही है।

किसान हित में रिकॉर्ड खरीदी

किसानों के हित में:

  • 28 लाख किसानों से गेहूं और धान की खरीदी

  • 51 हजार करोड़ रुपये का भुगतान

  • गेहूं पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, कुल 2600 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ

भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नमी मापक ऐप, फ्यूमिगेशन ऐप और इंस्पेक्शन ऐप जैसे तकनीकी नवाचार लागू किए गए हैं।

उपभोक्ता संरक्षण और नाप-तौल में सख्ती

नाप-तौल विभाग ने:

  • 49.14 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया

  • 11,700 प्रकरणों में 4.50 करोड़ रुपये का दंड लगाया

उपभोक्ता आयोग के कम्प्यूटरीकरण से 3 लाख 7 हजार से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। साथ ही “जागो ग्राहक जागो” अभियान भी चलाया जा रहा है।

भविष्य की कार्ययोजना और सिंहस्थ 2028 की तैयारी

खाद्य मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में:

  • खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के सॉफ्टवेयर का एकीकरण

  • उचित मूल्य दुकानों को “मुख्यमंत्री पोषण मार्ट” के रूप में विकसित किया जाएगा

  • अंगूठा और आंख स्कैन आधारित सत्यापन व्यवस्था लागू होगी

  • पीओएस मशीन को वजन-पर्ची से जोड़ा जाएगा

सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांटकर गोदाम, उचित मूल्य दुकानें, अस्थायी राशन कार्ड, सीसीटीवी निगरानी और एलपीजी काउंटर जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का खाद्य विभाग पारदर्शिता, तकनीक और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। बीते दो वर्षों में विभाग की उपलब्धियों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक मजबूत, भरोसेमंद और जनहितैषी बनाया है।

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