मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने जनजातीय कार्य विभाग की बीते दो वर्षों की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया और आगामी तीन वर्षों के विकास विजन को साझा किया।
मंत्री विजय शाह ने बताया कि प्रदेश सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एक ऐतिहासिक पहल है, जिसका शुभारंभ नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2024 को किया था।
इस अभियान के तहत मध्यप्रदेश के 51 जिलों के 267 विकासखंडों में स्थित 11,377 जनजातीय ग्रामों को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 18.58 लाख जनजातीय परिवारों यानी करीब 93.23 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। योजना के अंतर्गत 500 से अधिक जनसंख्या और 50 प्रतिशत से अधिक जनजातीय आबादी वाले ग्रामों का चयन किया गया है। यह अभियान अक्टूबर 2024 से 2029 तक कुल पांच वर्षों तक संचालित किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि देशभर में इस अभियान के लिए 80 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसमें से मध्यप्रदेश के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 17 विभागों की 25 योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों को गति दी जा रही है।
कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह ने अगले तीन वर्षों के विजन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विजन 2047 के अनुरूप मध्यप्रदेश के 88 जनजातीय विकासखंडों में बड़े स्तर पर विकास किया जाएगा। प्रत्येक विकासखंड में सांदीपनि विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या परिसर और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही सिविल सेवा, बैंकिंग, पुलिस और JEE-NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। जनजातीय नायकों और उत्सवों के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार होगा, पूजा स्थलों का उन्नयन किया जाएगा और 88 कला भवनों का निर्माण किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में छात्रावास संचालन से जुड़े नए नियम लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही 8 वन्या रेडियो स्टेशनों के उन्नयन की भी घोषणा की गई है। सहरिया, बैगा और भरिया जनजातीय महिलाओं को आहार अनुदान योजना के तहत अब 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे, जिसे लाडली बहना योजना से जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम के समापन पर यह दोहराया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। बीते दो वर्षों की उपलब्धियां और आगामी योजनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि प्रदेश सरकार जनजातीय विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।