मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र में एक आदिवासी महिला ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। ग्राम झिरिया बैकोना टोला निवासी ऊषा बाई भूमिया का आरोप है कि पुलिस ने उसे थाने ले जाकर दबाव बनाया, मारपीट की और उसके ससुर की मौत के मामले में झूठा बयान देने के लिए मजबूर किया। महिला ने अपनी शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
महिला के अनुसार, उसके ससुर चुन्दुल भूमिया 27 जून को गांव की पारंपरिक पूजा के लिए चंदा एकत्र करने बगदरी टोला गए थे। आरोप है कि वहां से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। महिला का दावा है कि ससुर ने परिवार के सामने रमेश बर्मन और उसके बेटे गोपी बर्मन पर मारपीट करने और जबरन “एसिड जैसा पदार्थ” पिलाने का आरोप लगाया था। इलाज के दौरान 10 जुलाई को उनकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि इस मामले में कार्रवाई के लिए कई बार बरही थाने में संपर्क किया गया, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की गई।
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देने के बाद भी परिवार पर समझौता करने और मामला वापस लेने का दबाव बनाया गया। महिला का कहना है कि न्याय की मांग करने के बावजूद उन्हें परेशान किया गया।
महिला ने अपनी शिकायत में 12 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस उसे और उसके पति को घर से उठाकर थाने ले गई। वहां कई घंटे तक बैठाने के बाद कथित रूप से एक कमरे में ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। महिला का आरोप है कि एसडीओपी वीरेन्द्र सिंह धारवे, थाना प्रभारी अरविंद कुमार चौबे और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे प्रताड़ित किया तथा ससुर की मौत के मामले में अपनी मर्जी के अनुसार बयान देने का दबाव बनाया।

शिकायत में महिला ने दावा किया है कि पुलिस अधिकारियों ने उससे कहा कि यह कार्रवाई “एसपी साहब के आदेश” पर की जा रही है और उसे घटना से जुड़ा कबूलनामा देना होगा। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति के साथ भी मारपीट की गई और दोनों को धमकी दी गई।
महिला का कहना है कि दबाव में उससे वीडियो बयान रिकॉर्ड कराया गया और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी करवाए गए। उसने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल जांच के दौरान पुलिस द्वारा डॉक्टर के सामने मारपीट की जानकारी नहीं देने के लिए दबाव बनाया गया। महिला के अनुसार, डर के कारण उसने कुछ समय बाद इलाज कराया और फिर वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत दी।
ऊषा बाई भूमिया ने अपनी शिकायत में रमेश बर्मन, गोपी बर्मन सहित अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उसने एसडीओपी वीरेन्द्र सिंह धारवे और टीआई अरविंद कुमार चौबे के खिलाफ भी जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महिला ने शिकायत में यह भी कहा है कि भविष्य में उसके या उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस अधिकारियों की होगी।