रिपोर्ट: सत्यम दुबे
गाजीपुर: कोरोना के दूसरे लहर के कहर ने कई हंसते खेलते परिवारों के तबाह कर दिया है। ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से कोरोना से संक्रमित लोग लगातार दम तोड़ रहे हैं। कोरोना के हाहाकार से देश का कोई भी अछूता नहीं रहा, सभी राज्यों कोरोना की मार झेली है। हालात ये हो गये हैं कि मरनेवालों की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ गई कि लोग शव को जलाने की बजाय गंगा में बहाने लगे हैं।
गंगा में शवों को बहाने का मामला सामने आने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोगो से अपील की है, कि लोग गंगा नदी में इस तरह शव न बहायें। इसके साथ ही उन्होने अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि गंगा में शव बहाने से रोका जाय। अब गाजीपुर में जरूरतमंदों के लिए लकड़ी बैंक की शुरुआत की गई है। लकड़ी बैंक की शुरुआत संजय राय, शेरपुरिया की पहल पर की गई है।
इस पहल से अब दाह संस्कार के लिए लकड़ियों की कोई दिक्कत नहीं होगी। पिछले कई दिनों से गाजीपुर जिला की जनता के लिए जीवन दाता बने संजय राय, शेरपुरिया ने कोरोना वायरस महामारी के भयावह समय में लोगों की काफी मदद कर रहे हैं।
इस बारे में उन्होने कहा कि श्मशान घाट में अनगिनत मृतकों को अग्निदाह देने के लिए लकड़ियों की कमी हो रही है, क्योंकि इस संकट समय में श्मशान की लकड़ियों की भी कालाबाजारी हो रही है। जिसकी वजह से गरीब लोग और लावारिश लाशों को अग्निदाह देने में ज्यादा तकलीफ हो रही है। इतना ही नहीं, लकड़ियों की कमी के कारण अपने मृत लोगों को अग्निदाह नहीं देते हैं।
उन्होने आगे कहा कि कई लोग उसे गंगा में विसर्जित कर देते है, जिससे मां गंगा भी प्रदूषित हो रही है। इन सब बातों को देखते हुए शुक्रवार सुबह 11 बजे से गाजीपुर में एक ‘लकड़ी बैंक’ शुरू करने का फैसला किया। इसके बाद हर जरूरतमंदों को श्मशान में अग्निदाह देने के लिए लकड़ियों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आपको बता दें कि गाजीपुर में जरूरतमंद लोगों के लिए यूथ रूरल फाउंडेशन ने लकड़ी बैंक की शुरुआत की। फाउंडेशन के मेंटर संजय राय शेरपुरिया ने बताया कि जरूरतमंदों की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य है। इन्होने आगे कहा कि प्रशासन की मदद से 2 ट्रामा सेंटर डेवलप करने का निर्णय लिया गया है, जहां वेंटिलेटर के साथ-लाथ लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम की भी व्यवस्था कराएंगे।