Home बिज़नेस देश के सबसे अमीर व्यक्ति से भिड़ रही है दुनिया की यह दिग्गज कंपनी, जानें इसका कारण

देश के सबसे अमीर व्यक्ति से भिड़ रही है दुनिया की यह दिग्गज कंपनी, जानें इसका कारण

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: बिजनेस में भी क्या कुछ नहीं करना पड़ता, आगे बढ़ने की होड़ में दूसरी कंपनी को टक्कर देने के साथ-साथ कभी-कभी मानसिक लड़ाई लड़नी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, दिग्गज ई कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन और दुनिया के अमीर लोगो में से एक मुकेश अंबानी के बीच। ऐमजॉन कंपनी और अंबानी के बीच लड़ाई का मुख्य कारण रानी पिल्लई के ग्रॉसरी खरीदने के फेवरेट प्लेस Big Bazaar पर कब्जे का है। 47 वर्षीय की रानी पिल्लई एक रिटायर्ड नर्स हैं और बिग बाजार में रेगुलर शॉपिंग करती हैं। पूर्वी दिल्ली के एक मेट्रो स्टेशन के नीचे बना बिग बाजार इलाके के मध्य आय वर्ग के लोगों के लिए पसंदीदा शॉपिंग स्पॉट है।

आपको बता दें कि पिछले साल कोरोना महामारी को रोकने के लिए लॉकडाउन के दौर में बहुत से लोगों ने ऑनलाइन शॉपिंग को प्रथमिकता दी। लेकिन फिजिकल स्टोर की तुलना में उन्हें ऑनलाइन शॉपिंग समझ में नहीं आया। इसी कड़ी में बात बिग बाजार की करें तो आम के अचार के साथ फ्री दिया जाने वाला पास्ता सॉस और बासमती राइस रैक के ठीक बगल में इंस्टेंट नूडल का फैमिली पैक वास्तव में लोगों को खरीदारी करने के लिए प्रेरित करता है।

भारतीय कंपनी फ्यूचर ग्रुप के मालिकाना हक वाली बिग बाजार के पास 1,500 सुपरमार्केट, स्नेक्स शॉप और फैशन आउटलेट हैं। देश के 400 शहरों में फैले यह स्टोर कंपनी के लिए एक पुरस्कार की तरह हैं। इसमें तेजी से बढ़ते तकनीक और ई-कॉमर्स मार्केट के बीच बिग बाजार के 400 शहरों के इन 1500 स्टोर की अलग वैल्यू है। इतनी खासियत होने के बाद बिग बाजार  पर कब्जे के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस और दुनिया की दिग्गज कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन के बीच झगड़ा चल रहा है।

आपको बता दें कि अमेरिकी दिग्गज कंपनी ऐमजॉन भारत पर बड़ा दांव खेलने के मूड में दिखाई दे रही है। भारत में ई-कॉमर्स कारोबार की कुल बिक्री में ऐमजॉन का हिस्सा करीब एक तिहाई है। फ्यूचर ग्रुप के खुदरा कारोबार को खरीदने के लिए अमेरिकी कंपनी Amazon ने 2 साल पहले $20 करोड़ देने का फैसला किया था। भारत में फ्यूचर के स्थानीय कारोबार को खरीदने के लिए सरकार के नियम के बीच ऐमजान  ने अपनी खरीदारी के तरीके में भी कई बदलाव किए थे।

इसी बीच सौदे में रिलायंस इंडस्ट्रीज की एंट्री हो गई। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज टेलीकॉम, एनर्जी और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की देश की बड़ी कंपनियों में से एक है। पिछले साल अगस्त में रिलायंस (RIL) ने ऐमजॉन को इस सौदे से बाहर निकालकर फ्यूचर ग्रुप को 3.4 अरब डॉलर में खरीदने की कोशिश की। आपको बता दें कि ऐमजॉन सिंगापुर में एक कानूनी लड़ाई के माध्यम से रिलायंस से यह सौदा अपने हाथ में लेना चाहती है।

आपको बता दें कि भारत में साल 2024 तक ऑनलाइन कारोबार 85 अरब डालर पर पहुंचने की उम्मीद है। फेसबुक, वॉलमार्ट और अन्य कंपनियों के साथ ऐमजॉन ने भी देश में बहुत बड़ा निवेश किया है। ऑनलाइन ग्रॉसरी वास्तव में बाजार का एक छोटा हिस्सा है, लेकिन यह तेजी से ग्रोथ देख रहा है।

भारतीय बाजार में ग्राहक फैशन प्रोडक्ट और सेल फोन की मुख्य तौर पर ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन अपने ऑनलाइन बिजनेस को सपोर्ट करने के लिए फ्यूचर ग्रुप जैसे ट्रेडिशनल बिजनेस मॉडल पर कब्जे की लड़ाई लड़ रही है।

वैसे देखा जाय तो ग्रॉसरी स्टोर ई-कॉमर्स कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के रूप में काम कर सकती हैं और इससे उसकी ब्रैंड वैल्यू के साथ सप्लायर के साथ लंबी अवधि का संबंध भी बन सकता है। ऐमज़ॉन और मुकेश अंबानी की रिलायंस ग्रुप (RIL) के बीच झगड़ा मासिक या तिमाही आधार के कारोबार के लिए नहीं है, यह अगले 10-15 साल तक बाजार पर राज करने के लिए कब्जे की लड़ाई है।

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