Home kolkata बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ रहा ये पूर्व नक्सली, 651 करोड़ की दौलत, किराये का घर, खोल दी नक्सलियों की पोल

बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ रहा ये पूर्व नक्सली, 651 करोड़ की दौलत, किराये का घर, खोल दी नक्सलियों की पोल

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे
कोलकाता: बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण का मतदान शनिवार को जारी है। मतदान के दौरान हिसां की घटना भी देखने को मिली है। लेकिन बंगाल में लोकतंत्र का जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला है। लोकतंत्र का हमेशा विरोध करने वाले नक्सली बड़ी संख्या में मुख्य धारा में आ रहें हैं। इनमें से एक पूर्व नक्सलपंथी नेता विनॉय कुमार दास इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में बतौर प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहें हैं।

विनॉय पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्तर दिनाजपुर में रायगंज की करनदीघी विधानसभा सीट से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं। ऐसे में उनका कहना है कि चुनाव का बहिष्कार करने वाले नक्सली झूठे और पूंजीवादियों के नौकर हैं। उन्होने एक समाचार पत्र से कहा कि, “ये नक्सली पूंजीवादियों की स्लेव हैं, सब कमीशन लेकर अपनी जेबें भर रहे हैं।“

बिनॉय ने नक्सली हमलों को लेकर कहा कि जो जंगी आज लोगों को मार रहे हैं, वो ये क्यों नहीं सोच रहे कि ये सैनिक भी तो हमारे परिवार से हमने तैयार किया है। मुझे बहुत दुख है कि वो लोग ऐसा करते हैं, आखिर वो इंडियन सिटिजन हैं, इंडियन फ्लैग के नीचे काम करते हैं, फिर अपने ही देश के नागरिकों को क्यों मार रहे हैं। ये सब पूंजीवादियों का खेला है।

उन्होने अर्बन नक्सल को लेकर कहा कि ये लोग नक्सलवादी क्रांति को समझते ही नहीं हैं, ये नक्सली हैं ही नहीं। वो आगे कहते हैं, ‘इन लोगों को स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार और राजनीतिक दलों द्वारा कन्ट्रोल किया जाता है। अर्बन नक्सली 1969 के समय में होते थे।
अर्बन नक्सल को लेकर उन्होने बताया कि उस समय मुख्यधारा में शामिल रहे लोग नक्सल क्रांति का समर्थन करते थे। उनमें मिथुन चक्रवर्ती समेत कई लोग शामिल थे। उन्होनेअपने चुनाव लड़ने के बारे में कहा कि अगर जनता उन्हें मौका देती है तो वह सबसे पहले रोटी, कपड़ा और मकान की उपलब्धता पर काम करेंगे।

इसके साथ ही उन्होने कहा इतने सालों में भी लोगों को ये बेसिक चीजें नहीं मिल पाई हैं। पार्टी के छोटे-मोटे नेता अपना काम करा लेते हैं और आम जनता को कुछ नहीं मिलता, सिवाय 2 किलो चावल के।
आपको बता दें कि मूल रूप से कर्णजोरा कालीबाड़ी के रहने वाले बिनॉय की पैतृक संपत्ति की कीमत 650 करोड़ 82 लाख 57 हजार रुपये है। मिली जानकारी के मुताबिक, उनके पास 100 एकड़ से ज्यादा जमीन, रायगंज, मालदा, जलपाईगुड़ी, हरियाणा, वाराणसी समेत कई जगहों पर 14 पैतृक निवास हैं।

इसके बावजूद वह किराये के घर में रहते हैं। बिनॉय ने 2018 में रायगंज जिला परिषद का चुनाव लड़ा था। इसके अलावा वह 2019 का लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि दोनों चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था

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