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कोरोना काल में छठ पूजा को लेकर कई राज्यों में प्रतिबंध, पढ़े क्या हैं गाइडलाइंस

By: RNI Hindi Desk 
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कोरोना काल में छठ पूजा को लेकर कई राज्यों में प्रतिबंध, पढ़े क्या हैं गाइडलाइंस

कोरोना के चलते देश की अर्थवयस्था पर ही नहीं महत्वपूर्ण पर्व और त्योहारों पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। इस बार अधिकतर त्योहार कोरोना काल में ही मनाए जा रहे हैं। कोरोना काल को देखते हुए त्योहार पर इसका असर पड़ा है। सभी त्यौहार सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रख कर मनाया गया है।

ऐसे में छूट पूजा को लेकर लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार की तरफ से सख्ती के साथ गाइडलाइंस जारी की जाती रही हैं। पूर्वांचलियों के लिए प्रसिद्ध छठ का पर्व आज देश के हर कोने में मनाया जाता है। लोगों के इस त्यौहार के प्रति श्रद्धा है।

हर साल लोग नदी किनारे सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भारी तादाद में पहुंचते हैं। लेकिन इस बार छठ के इस महापर्व पर देशभर के अलग-अलग राज्यों में वहां की सरकार के द्वारा जारी गाइडलाइन को ध्यान में रख कर मनाया जायेगा।

बिहार सरकार ने लोगों से इस बार कोरोना महामारी के चलते यथा संभव घर पर ही छठ पूजा करने की अपील की है। इसके साथ ही प्रशासन ने श्रद्धालुओं से तालाब किनारे पूजा करने और अर्घ्य के दौरान उसमें डुबकी नहीं लगाने का आग्रह किया है।

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, छठ पर्व के दौरान बुखार से ग्रस्त व्यक्ति, 60 साल से ऊपर के व्यक्ति, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को छठ घाटों पर नहीं जाने की सलाह दी है। इसके साथ ही, प्रत्येक व्यक्ति को मास्क का प्रयोग करने और 2 गज की दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करने की सलाह दी गई है।

दिल्ली सरकार ने कोरोना के तेजी से बढ़ रहे मामलों के देखते हुए इस मौके पर अवकाश तो घोषित किया है लेकिन सार्वजनिक तौर पर छठ पूजा की इजाजत नहीं दी है। सरकार ने लोगो से अपील किया है कि लोग अपने घरों में या किसी निजी स्थल पर छठ का यह पर्व मना सकते हैं।

त्योहार में कोरोना दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। हालांकि सरकार द्वारा लगाई गई रोक को लेकर जमकर राजनीति भी हो रही है। यही नहीं महामारी के प्रकोप को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी राष्ट्रीय राजधानी में घाटों पर छठ पूजा समारोह आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

उत्तर प्रदेश की योगी सररकार ने कोरोना के बीच छठ पर्व को लेकर जारी गाइडलाइन्स में सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि पूजन स्थलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होना चाहिए और सभी कार्यक्रमों में 2 गज की दूरी और मास्क का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही, इन गाइडलाइन्स में महिलाओं से कहा गया है कि वे छठ पर्व को घर पर ही मनाएं या घर के पास ही मनाएं। साथ ही, घाटों में पानी के बहाव के समुचित प्रबंध के निर्देश भी दिए गए हैं।

कोरोना महामारी के चलते झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने इस बार छठ पर्व को दिल्ली की तरह की सार्वजनिक तौर पर मनाने की इजाजत नहीं दी है।राज्य सरकार ने सार्वजनिक तालाब, बांध, जलाशय और नदी में छठ पूजा के मौके पर अर्घ्य की इजाजत नहीं दी है। राज्य सरकार ने गाइडलाइन्स में श्रद्धालुओं से छठ पूजा घर में ही मनाने की अपील की है।

महाराष्ट्र में भी कोरोना के चलते इस बार छठ पर्व के मौके राज्य की उद्धव सरकार ने कई तरह की रोक लगाते हुए गाइडलाइन्स जारी की है। बीएमसी ने मुंबई में समुद्र तटों, नदी और तालाब में छठ पूजा मनाने पर रोक लगा दी है।

इसके साथ ही, मुंबई पुलिस से भी कहा गया है कि वे सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को इकट्ठा होने से रोंके। हालांकि, इन कड़े निर्देशों के बीच कृत्रिक तालाबों में छठ पूजा की इजाजत दी गई है।

बंगाल में छठ पर्व को लेकर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। राज्य की ममता सरकार ने यहां पर प्रतिबंधित ढंग से समारोह मनाने की इजाजत दी है, लेकिन आतिशबाजी की अनुमति नहीं दी गई।

ओडिशा में छठ पर्व को लेकर नदी के किनारे नहाने और समारोह पर पाबंदी लगाई गई है। ओडिशा सरकार ने ये प्रतिबंध इसलिए लगाया है क्योंकि घाट पर लोग एकत्र होते हैं तो भीड़ में कोरोना का संक्रमण अधिक फैलने का खतरा उत्पोन्न होगा।

राज्य सरकार की चेतावनी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति 2005 के आपदा प्रबंधन अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत सजा दी जाएगी।

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