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अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे अमरुल्लाह सालेह के बड़े भाई की तालिबना ने की हत्या, उतारा मौत के घाट

अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ रहे अमरुल्लाह सालेह के बड़े भाई की तालिबान ने हत्या कर दी है। रोहुल्लाह सलेह को तालिबान ने पहले टॉर्चर किया और उसके बाद उन्हें बेरहमी से मार गिराया गया।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : अमेरिकी सैनिकों के वापस जानें और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अब्दुल गनी के भाग जाने के बाद पंजशीर के लड़ाकों ने तालिबान के नाकों चने चबवा दिये थे। जिससे वो चाहकर भी अफगानिस्तान को पूरी तरह अपने कंट्रोल में नहीं ले सका। वहीं पंजशीर लड़ाकों का नेतृत्व कर रहे अमरुल्लाह सालेह ने खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर लिया है। जिससे तालिबान आग बबूला हो गया है।

आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ये खबरें आई थी कि तालिबान ने पंजशीर पर कब्जा लिया है, जबकि सालेह ने कहा था कि वे खून के आखिर रक्त तक तालिबान से लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा था कि अभी भी पंजशीर के लड़ाके पंजशीर के अन्य हिस्सों से तालिबान को कड़ी टक्कर दे रहे है। इसी बीच खबर आई की अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ रहे अमरुल्लाह सालेह के बड़े भाई की तालिबान ने हत्या कर दी है। रोहुल्लाह सलेह को तालिबान ने पहले टॉर्चर किया और उसके बाद उन्हें बेरहमी से मार गिराया गया। ये घटना पंजशीर की बताई जा रही है जहां पर अभी भी तालिबान का संघर्ष जारी है।

जानकारी मिली है कि गुरुवार रात को तालिबान और नॉदर्न अलायंस के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उस घटना में ही अमरुल्लाह सालेह के बड़े भाई को मार गिराया गया। ऐसी खबर है कि तालिबान के लड़ाकों ने रोहुल्लाह सलेह को काफी टॉर्चर किया था। हालांकि अभी तक इस खबर को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं अमरुल्लाह सालेह की तरफ से भी कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही है।

आपको बता दें कि पंजशीर वहीं इलाका है जहां पर अभी तालिबान का राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा (NRF) और नॉर्दन अलायंस संग तगड़ा संघर्ष चल रहा है। 15 अगस्त को काबुल पर तो तालिबान ने अपना कब्जा जमा लिया, लेकिन पंजशीर के लड़ाकों ने अपनी आजादी की जांग जारी रखी है। अमरुल्लाह सालेह का NRF और पंजशीर के लड़ाकों को खुला समर्थन दिया गया है। उनकी तरफ से कई मौकों पर तालिबान को खुली चेतावनी दी गई है। उन्होंने पूरी दुनिया से भी तालिबानी सरकार को मान्यता ना देने की अपील की है।

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