मध्य प्रदेश के पन्ना जिले ने एक बार फिर अपनी पहचान को दुनिया के सामने और मजबूत किया है। भारत की एकमात्र संगठित एवं यांत्रिकीकृत हीरा खदान संचालित करने वाली एनएमडीसी (NMDC) की डायमंड माइनिंग परियोजना से 13.16 कैरेट का प्राकृतिक जेम क्वालिटी का खुरदरा हीरा प्राप्त हुआ है। इस दुर्लभ हीरे की अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मार्च 2024 में खदान का संचालन दोबारा शुरू होने के बाद यह अब तक प्राप्त हुआ सबसे बड़ा जेम श्रेणी का हीरा है। इससे पहले इसी परियोजना से मिला 10.04 कैरेट का हीरा इस श्रेणी का सबसे बड़ा माना जाता था। नया हीरा नियमित किम्बरलाइट अयस्क के प्रसंस्करण के दौरान मिला है।
खनन विशेषज्ञों के अनुसार, इतने बड़े आकार के प्राकृतिक जेम क्वालिटी हीरे बेहद दुर्लभ होते हैं। ऐसे में 13.16 कैरेट का यह हीरा खनन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस खोज ने एक बार फिर पन्ना की हीरा संपदा और यहां की खनन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।

एनएमडीसी ने इस सफलता का श्रेय अपनी डायमंड माइनिंग परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता, समर्पण और वैज्ञानिक खनन प्रणाली को दिया है। आधुनिक तकनीक और व्यवस्थित खनन प्रक्रिया के चलते इस दुर्लभ हीरे की प्राप्ति संभव हो सकी।
इस उपलब्धि से न केवल पन्ना की पहचान विश्व प्रसिद्ध हीरा नगरी के रूप में और मजबूत हुई है, बल्कि भविष्य में खनन क्षेत्र में निवेश, आधुनिक तकनीक के विस्तार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है। यह सफलता क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।