Home अमेठी सूबेदार MA खान का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, गमगीन माहौल के बीच उमड़ा हुजूम

सूबेदार MA खान का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, गमगीन माहौल के बीच उमड़ा हुजूम

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रिपोर्ट: आदित्य तिवारी / मोहम्मद आबिद
अमेठी: तीन रंगों वाला तिरंगा भारत की आन बान और शान होता है और जिसके लिए देशवासी जीने और मरने की कसमें खाते हैं और देश की सेवा के लिए भारतीय तिरंगे को लेकर देश की सीमाओं पर दिन रात पहरा देते हैं और दुश्मन देशों को धूल चटाते हैं।लेकिन देश की सेवा करने वाले देशभक्त सैनिकों की मृत्यु के बाद उनके कफ़न के रूप में मृत शरीर पर तिरंगा डाला जाता है। जिसको देखने के बाद लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

हालांकि यह दुखद समय जरूर होता है लेकिन इसके बावजूद उस वक्त घरवालों का फक्र से सीना चौड़ा हो जाता है जब पूरे राजकीय सम्मान के साथ तिरंगा कफन बन जाता है। ऐसा ही दृश्य अमेठी में देर शाम देखने को मिला जहां पर भारतीय सेना में सूबेदार मेजर के पद पर तैनात एम ए खान की इलाज के दौरान हुई मृत्यु के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव अमेठी कोतवाली क्षेत्र के मरफ़ापुर पहुंचा। घर परिवार के साथ पूरा गांव शोकमग्न था ।                                                                                                       

डोगरा रेजीमेंट फैजाबाद से आए सैनिकों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ मृतक सैनिक के शव के ऊपर कफन रूपी तिरंगा डालकर सेल्यूट करते हुए सुपुर्द ए खाक किया। मृतक सैनिक के भाई सरवर खान ने बताया कि मेरे भाई सूबेदार मेजर एम ए खान पश्चिम बंगाल के 627 सीएमई बटालियन दार्जिलिंग में तैनात थे।वहां पर इनको जीफ में इंफेक्शन हो गया था जिसका इलाज कमांड हॉस्पिटल कोलकाता में चल रहा था ।

तबियत ठीक होने के बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर 2 महीने की छुट्टी पर घर आ गए थे आगामी 24 फरवरी को वापस ड्यूटी पर जाना था इसी बीच दोबारा इनकी तबीयत घर पर खराब हो गई जिसमें इनको प्राथमिक उपचार के लिए मुंशीगंज अस्पताल ले जाया गया डॉक्टर ने वहां पर गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ के लिए रेफर कर दिया।

जिसके बाद लखनऊ स्थित कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज शुरू हुआ और आईसीयू में 36 घंटे इलाज के दौरान एमए खान की मौत हो गई। वहीं मामले की जानकारी के बाद एमए खान के घर पहुंचे लोगों उनको श्रद्धांजलि दी और शव यात्रा में शामिल होकर जनाजे को कंधा दिया।

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