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उरी से गिरफ्तार आतंकी ने कैमरे पर खोली पाकिस्तान की पोल, वीडियो में बताया वो सच्च जिसे छिपा रहा था पाकिस्तान; देखें वीडियो

जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर से गिरफ्तार आतंकी बाबर ने पाकिस्तान के उन सभी चेहरों को बेनकाब कर दिया, जिसे वो लगातार छिपा रहा था। हालांकि इस खुलासे ने पाकिस्तान सरकार और मिलिटेंट की ईंट से ईंट बजा दी है। जिससे एक बार फिर वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की बड़ी किरकिरी हो सकती है। आपको बता दें कि इस आतंकी ने पाकिस्तान के ऐसे कई राज खोल दिए है, जिसे वो लगातार नकार रहा था।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर से गिरफ्तार आतंकी बाबर ने पाकिस्तान के उन सभी चेहरों को बेनकाब कर दिया, जिसे वो लगातार छिपा रहा था। हालांकि इस खुलासे ने पाकिस्तान सरकार और मिलिटेंट की ईंट से ईंट बजा दी है। जिससे एक बार फिर वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की बड़ी किरकिरी हो सकती है। आपको बता दें कि इस आतंकी ने पाकिस्तान के ऐसे कई राज खोल दिए है, जिसे वो लगातार नकार रहा था।

उरी सेक्टर से गिरफ्तार इस आतंकी का नाम अली बाबर है। अपने कबूलनामे में बाबर ने कहा कि उसे उरी जैसे हमले के लिए भेजा गया था और पाकिस्तानी सेना ने ट्रेनिंग दी थी। बाबर ने कहा कि 9 आतंकियों ने पाकिस्तान में 3 हफ्ते की ट्रेनिंग दी थी। उसने आगे बताया कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ने के लिए ISI ने 20 हजार दिए। फैक्ट्री में काम करने के दौरान ISI और लश्कर के आतंकी से मुलाकात हुई।

 

बाबर ने बताया कि लश्कर अनाथ और गरीबों को जिहाद के लिए तैयार करता है। उसने कहा कि हमें बोला गया कि कश्मीरियों पर जुल्म होता है, यहां सभी खुश दिखे। गिरफ्तार आतंकी ने कहा कि, ”मैं पाकिस्तानी सेना और आईएसआई से गुजारिश करता हूं कि मुझे वापस बुला लिया जाए। भारतीय सेना ने मेरे साथ अच्छा व्यवहार किया। मेरे पर कोई जुल्म नहीं किया।”

ध्यान हो कि, बाबर की गिरफ्तारी पर सेना ने कल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तार से जानकारी दी थी। मेजर जनरल वीरेंद्र वत्स ने कहा था कि आज जिस पाकिस्तान के आतंकी को गिरफ्तार किया गया है उसका नाम अली बाबर पात्रा है। इसकी उम्र महज उन्नीस साल है। अली बाबर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है। जो पाकिस्तान में करीब तीन महीने की आतंकी ट्रेनिंग ले चुका है। आतंकियों की घुसपैठ का मकसद 2016 के उरी जैसे बड़े हमले को अंजाम देना था।

गिरफ्तारी के लिए गिड़गिड़ाने लगा आतंकी

मेजर जनरल वीरेंद्र वत्स ने बताया कि, ”इन आतंकियों के खिलाफ नौ दिन तक ऑपरेशन चला। 18 सितबंर को जब एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश शुरू हुई तब इस ऑपरेशन की शुरुआत हुई थी। कुल छह आतंकी थे, चार वापस पाकिस्तान भाग गए। बाकी बचे दो आतंकी 25 सितबंर को एक नाले में छिप गए थे। एक आतंकी को 26 को ढेर कर दिया गया। दूसरा आतंकी सरेंडर के लिए गिड़गिड़ाने लगा।” मेजर वत्स ने कहा कि गिरफ्तार आतंकी पाकिस्तान में तीन महीने की ट्रेनिंग ले चुका है।

उन्होंने बताया कि कश्मीर के पाटन में सप्लाई करने की बात कही थी लेकिन ये सप्लाई करने नहीं आया था। बल्कि बड़ा टेरर अटैक करने आया था। ठीक वैसा ही अटैक करने आया था जैसा 2016 का उरी अटैक था। उन्होंने कहा कि बिना पाकिस्तानी सेना की मदद के ऐसे घुसपैठ नहीं हो सकती है। टेरर लॉन्च पैड पर इन दिनों काफी गतिविधियां बढ़ गई हैं। पिछले सात दिनों में 04 आतंकी मारे गए हैं और एक जिंदा पकड़ लिया गया।

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