नगर पूजा यात्रा पूरे विधि-विधान और उत्साह के साथ निकाली गई, जो करीब 28 किलोमीटर लंबे मार्ग से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान कोटवार हांडी में मदिरा की धारा लेकर चलते रहे और रास्ते में आने वाले प्रमुख देवी-देवताओं के मंदिरों में ध्वज, चोला और भोग अर्पित किया गया।
