कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को एक इंटरव्यू में देश के कई जांच एजेंसी पर आरोप लगाया है। उन्होंने अपने आरोप में कहा कि एनआइए जैसी जांच एजेंसियां सरकार के हाथों की कठपुतली बन गई हैं। इनका इस्तेमाल अब किसानों के खिलाफ किया जा रहा है, लेकिन किसान इनके नोटिस से डरने वाले नहीं हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस मामले की जांच के सिलसिले में दर्जनभर से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजे हैं। इन लोगों में एक पत्रकार, नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन से जुड़े किसान नेता और अन्य शामिल हैं।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा अब सरकार किसानों को ऐसी एजेंसियों के माध्यम से नोटिस भेजती है जो आतंकवादियों के खिलाफ जांच करती हैं।
उन्होंने आगे कहा किसानों को आतंकवादी, नक्सली और चीन व पाकिस्तान का एजेंट कहने के बाद मोदी सरकार की मंशा क्या है? मोदीजी आप क्या साबित करने की कोशिश कर रहे हैं? किसानों को एनआइए जैसी कठपुतली एजेंसी के फर्जी नोटिस न तो डिगाएंगे और न ही डरा पाएंगे।
सुरजेवाला ने कहा मोदीजी को समझना चाहिए कि अनाज मंडियों में छोटे दुकानदारों पर आयकर के छापों तथा किसानों एवं पत्रकारों को एनआइए या सीबीआइ के नोटिस से किसान डरेंगे नहीं। हम तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे, जब तक तीन काले कानून वापस नहीं ले लिए जाते।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण और उसके प्रमुख सरकार की हाथों की कठपुतली रहे हैं और इस बात के प्रमाण हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक विवादास्पद वॉट्सऐप के सार्वजनिक होने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि यह बातचीत घातक है और कांग्रेस अगले 48 घंटे में इस मुद्दे पर व्यापक प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने कहा हम हर चीज का अध्ययन कर रहे हैं। हम इस पर संपूर्ण प्रतिक्रिया देंगे।