मध्य प्रदेश में कुछ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के निजीकरण की प्रस्तावित योजना के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज होता दिखाई दे रहा है। सीहोर जिले के चकल्दी स्थित एकलव्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों ने सरकार के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में जागरूकता रैली निकालकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
विद्यार्थियों ने बैनर और तख्तियां लेकर चकल्दी गांव में रैली निकाली तथा लोगों को निजीकरण के संभावित प्रभावों से अवगत कराया। इसके बाद आयोजित नुक्कड़ सभा में छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था और तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों के भविष्य को लेकर अपने विचार रखे।
सभा को संबोधित करते हुए छात्र संगठन की अध्यक्ष आरती बरकड़े, उपाध्यक्ष रामकिशोर उईके, सचिव गोविंद मसकोले तथा राज्य संयोजक संदीप ने सरकार से निजीकरण के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की। वक्ताओं का कहना था कि सरकारी तकनीकी संस्थानों की उपलब्धता ग्रामीण, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।

छात्र नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के अन्य आईटीआई संस्थानों के छात्र भी इस मुद्दे पर समर्थन दे रहे हैं।
चकल्दी से शुरू हुआ यह विरोध अब अन्य क्षेत्रों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। फिलहाल छात्रों ने निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध दर्ज कराया है। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले निर्णय और इस मुद्दे पर उसके आधिकारिक रुख पर बनी हुई है।