ग्रेटर हैदराबाद नगर निकाय चुनाव में रोहिंग्या प्रवासियों के वोटर लिस्ट में नाम के मुद्दे को लेकर बीजेपी और एआईएमआईएम के बीच रार बढ़ती जा रही है। इस विवाद में अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी कूद गई हैं। जबकि एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी और बीजेपी के यूथ विंग के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या के बीच जुबानी जंग चल ही रही है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने तेलंगाना में टीआरएस और एमआईएम पार्टी के गठबंधन को अपवित्र और भ्रष्ट बताया है। तेलंगाना में रोहिंग्या और अवैध तरीके से भारत आए पाकिस्तानियों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तेलंगाना में कानून-व्यवस्था टीआरएस पार्टी की सरकार के हाथों में है तो वो कोई एक्शन क्यों नहीं ले रहे। अगर वहां अवैध रूप से अप्रवासी रह रहे हैं, तो सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
स्मृति ईरानी ने कहा कि हमारे सैनिक सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए लगातार लड़ रहे हैं और यहां इस ऐतिहासिक शहर हैदराबाद में एआईएमआईएम और टीआएस मिलकर तेलंगाना की वोटर लिस्ट में अवैध अप्रवासियों को जगह देने की साजिश कर रहे हैं। उन्हें तेलंगाना के लोगों को इसका जवाब देना होगा।
इस बयान के जरिए स्मृति ईरानी का निशाना साफ तौर पर ओवैसी और केसीआर पर था जो रोहिंग्या प्रवासियों के लिए अनुकूल बयान देते आ रहे हैं। बीजेपी की हैदराबाद के निकाय चुनाव में इस मुद्दे को तेज करने की कोशिश है।
वही बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या पहले ही कह चुके हैं कि ओवैसी मोहम्मद अली जिन्ना का अवतार हैं और एआईएमआईएम को दिया हर वोट भारत के खिलाफ दिया गया वोट होगा।
लव जिहाद के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर राज्य सरकार ऐसे मामलों पर एक्शन लेती है और सुनिश्चित करती है कि महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाएं न हों. उनसे जबरन शादी न की जाए, तो क्या इसे भारतीयों का समर्थन नहीं मिलना चाहिए? मेरी अपील है कि इसे इसी तरह तरह देखा जाना चाहिए।
आप को बता दे कि हैदराबाद के स्थानीय चुनाव हैं लेकिन इसमें जिस तरह से राजनीतिक पार्टियों ने ताकत झोंक रखी है उससे ये चुनाव प्रतिष्ठा का विषय बनते नजर आ रहे हैं।
ओवैसी ने तो इस मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह को चुनौती तक के दे डाली थी कि अगर वोटर लिस्ट में 30,000 रोहिंग्या के नाम हैं तो क्या गृहमंत्री सो रहे हैं। अगर बीजेपी ईमानदार है तो मंगलवार शाम तक 1000 रोहिंग्या के नाम बताए जिनके नाम वोटर लिस्ट में हैं।