सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों ने 10 पटवारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण समेत विभिन्न सरकारी कार्यों में लापरवाही के आरोप में की गई है।
प्रशासन के मुताबिक, संबंधित पटवारियों के कार्यक्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी और सरकारी योजनाओं से जुड़े दूसरे जरूरी काम निर्धारित अपेक्षाओं के अनुसार पूरे नहीं हो रहे थे। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के समाधान में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने की बात सामने आई। इन कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
कलेक्टर गौरव बैनल ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी किसानों को सरकारी योजनाओं तथा सुविधाओं से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन कार्यों में देरी होने से पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निराकरण करने पर भी जोर दिया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम नहीं करने और जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक कार्रवाई के तहत जिले की अलग-अलग तहसीलों और क्षेत्रों में पदस्थ 10 पटवारियों को निलंबित किया गया है। सूची इस प्रकार है:
माड़ा तहसील: राजेश शाह (हलका अमिलिया एवं सुहिरा), संदीप अग्रहरी (हलका नगुआ एवं करसुआलाल)।
सिंगरौली ग्रामीण: अहमद सिद्दीकी (हलका पिपरकुर्द), विवेक द्विवेदी (हलका सोलांग)।
चितरंगी तहसील: विजय सिंह (हलका उड़नी), शिव कुमार लाकरा (हलका गोपला)।
दुधमनिया तहसील: धर्मराज गोस्वामी (हलका चीनगो), तीरथ यादव (हलका सिल्फोरी)।
देवसर तहसील: श्याम लाल सिंह (हलका कुसेडी)।
बरगवां तहसील: गूंजेश्वरी प्रसाद जायसवाल (हलका उज्जैनी)।
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी, सीएम हेल्पलाइन और जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। प्रशासन का कहना है कि किसानों और आम नागरिकों से सीधे जुड़े कार्यों में देरी या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने और जिम्मेदारियों में लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और शिकायतों के समाधान में जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों और आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।