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श्रीमहाकाल महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म और संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम: CM डॉ. यादव

मकर संक्रांति की पावन संध्या पर उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजन-अर्चन कर श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ किया।

By: Abhinav Tiwari 
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श्रीमहाकाल महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म और संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम: CM डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रीमहाकाल महोत्सव ने उज्जैन की दिव्यता को और अधिक निखार दिया है। आज की उज्जैन नगरी महाकवि कालिदास की रचनाओं में वर्णित अवंतिका के समान प्रतीत हो रही है। यह महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ने का माध्यम है, जिससे उन्हें बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त होगा और उज्जैन की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत का साक्षात्कार भी होगा।

मकर संक्रांति की पावन संध्या पर महोत्सव का भव्य शुभारंभ

मकर संक्रांति की पावन संध्या पर उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजन-अर्चन कर श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अवंतिका की गौरवशाली परंपरा को महाकाल लोक में मिला जीवंत रूप

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज के काल से अवंतिका नगरी न्याय और प्रशासनिक दक्षता की वाहक रही है। श्रीमहाकाल महालोक में इन महान विभूतियों और प्रेरक कथाओं को मूर्ति कला और भित्ति चित्रों के माध्यम से अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री महाकाल की कृपा से हमारी प्रत्येक सांस और प्रेरणा मानव सेवा के लिए समर्पित है।

धार्मिक पर्यटन में मध्यप्रदेश ने बनाई नई पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर नई पहचान स्थापित की है। प्रदेश में स्थित दोनों ज्योतिर्लिंगों की कनेक्टिविटी सड़क, रेल और वायु मार्ग से बेहतर की जा रही है। उज्जैन में माता गढ़ कालिका शक्तिपीठ और शिप्रा तट स्थित गुरुद्वारा, जहाँ गुरु नानक देव के आगमन का उल्लेख मिलता है, उज्जैन की विविधता और समरसता को दर्शाते हैं।

उज्जैन में वर्षभर आयोजनों से सुदृढ़ हो रही सांस्कृतिक परंपरा

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2003 के बाद उज्जैन में सावन महोत्सव की शुरुआत हुई और अब शिवरात्रि से गुड़ी पड़वा तक विभिन्न मेले और आयोजन हो रहे हैं। इन आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है और इतिहास व संस्कृति से जनसामान्य का जुड़ाव मजबूत हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि उज्जैन और ग्वालियर के व्यापार मेलों में वाहनों पर कर छूट दी जा रही है तथा अब भोपाल के साथ उज्जैन में भी पाँच दिवसीय वन मेला आयोजित किया जाएगा।

शंकर महादेवन की भक्ति प्रस्तुति ने बांधा समां

महोत्सव में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन की भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत की समृद्ध परंपरा में डमरू पहला वाद्य यंत्र है और शंकर महादेवन की डमरू-आधारित प्रस्तुति अद्भुत अनुभूति प्रदान करती है।

उज्जैन को मिलेंगी नई विकास सौगातें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शीघ्र ही उज्जैन को इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन, हरिफाटक पुल सिक्स लेन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित अनेक विकास कार्यों की सौगात मिलेगी। साथ ही 25 जनवरी को जिले में राहगीरी आनंद उत्सव का आयोजन भी किया जाएगा।

महाकालेश्वर मंदिर की नई आधिकारिक वेबसाइट और भक्त निवास पोर्टल का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in का शुभारंभ किया। इसके साथ ही 600 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले श्री महाकालेश्वर भक्त निवास के दानदाताओं के लिए दान एवं CRS पोर्टल भी लॉन्च किया गया।

18 जनवरी 2026 तक चलेगा श्रीमहाकाल महोत्सव

वीर भारत न्यास, विक्रमादित्य शोध पीठ और श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह भव्य श्रीमहाकाल महोत्सव 18 जनवरी 2026 (विक्रम संवत 2082) तक चलेगा, जिसमें कला, संस्कृति और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

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