रायसेन के दशहरा मैदान में ‘उन्नत कृषि महोत्सव 𝟐𝟎𝟐𝟔’ आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह केवल सभा या रैली भी नहीं है। आज रायसेन की इस पवित्र धरा पर ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और किसान का महासंगम हो रहा है। यह महोत्सव किसानों को पढ़ाने की पाठशाला है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैसे तो किसान सबसे बड़ा वैज्ञानिक भी होता है लेकिन जो यहां आधुनिक तकनीकि, ज्ञान, विज्ञान, आधुनिक अनुसंधान, आधुनिक कृषि पद्धतियां हैं, इसे आज आपको देखने, सोचने और सीखने का मौका है। रायसेन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सचमुच में रायसेन अद्भुत है यहां की रीति, नीति, पहचान निराली है और अब तो यहां का धान भी निराला है। यहां के गेंहूं ने दुनिया में अपनी अलग पहचान बनायी है। इस रायसेन में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, यहां नर्मदा मैया की लहरें हैं , यहां बेतवा नदी यहां की हरियाली को बढ़ाने का काम करती है।
शिवराज सिंह के कहा कि आज का कार्यक्रम केवल कर्मकांड नहीं है। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के नेतृत्व में एक वैभवशाली, गौरवशाली, संपन्न, समृद्ध, शक्तिशाली, आत्मनिर्भर और एक विकसित भारत बनाना है। देश आज सुरक्षित है, लेकिन कृषि के बिना, किसान की आय बढ़ाए बिना सचमुच में देश का विकास हो नहीं सकता। यहां की जनता ने मुझे कुलमिलाकर 12 बार यानि 6 विधान सभा और 6 बार लोकसभा चुनाव जिताए तो मेरे तो किसान ही भगवान हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसान और कृषि का एक महायज्ञ चल रहा है। हम भी पूरी गंभीरता से यह कोशिश कर रहे हैं कि किसानों की आमदनी कैसे बढ़े। हमारा लक्ष्य देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 140 करोड़ भारतीय भरपेट भोजन पाएं, पोषणयुक्त अनाज, फल सब्जी मिले। इसलिए आत्म निर्भर बने इसलिए महायज्ञ चल रहा है। किसान की आय बढ़ाना है तो उत्पादन बढ़ाना है। उत्पादन की लागत घटना है, कृषि का विविधीकरण करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव केंद्र की सारी योजनाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहे है। इस वर्ष को भी उन्होंने कृषि कल्याण वर्ष मना रहे हैं।
केंद्र सरकार हर राज्य का कृषि रोड़मैप बना रही है। अपने चार जिलों को कृषि रोडमैप हमारे वैज्ञानिकों ने बनाया है जो कल से देखने को मिलेगा। हम केंद्र और राज्य सरकार के कृषि रोडमैप को हर संभव धरातल पर लागू करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। हम चाहते हैं कि कृषि क्षेत्र में एक मॉडल बनाया जाय जिसे देश के दूसरे क्षेत्रों में भी लागू किया जाय। इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर का हब बनाना चाहते हैं।