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एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शिव थापा ने रचा इतिहास, बनें सफल भारतीय मुक्केबाज

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : लगातार पांचवी बार पदक सुरक्षित करने के बावजूद भी शिव थापा को ये यकीन नहीं हो रहा कि उन्होंने प्रतिष्ठित एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में ये उपलब्धि हासिल की है। आपको बता दें कि इस 27 वर्षीय मुक्केबाज ने दुबई में चल रहे टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने लिए पदक पक्का किया।

थापा के नाम कई बड़ी उपलब्धि

इस पदक के साथ ही, अब शिवा टूर्नामेंट में भारत के सबसे सफल मुक्केबाज बन गए हैं। उन्होंने 2013 में एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने 2015 में कांस्य, 2017 में रजत और 2019 में फिर से कांस्य पदक हासिल किया था। थापा ने कहा, ‘वाह। मैं वास्तव में नहीं जानता कि आंकड़ों के लिहाज से यह इतना मायने रखता है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला पहला खिलाड़ी बनूंगा।’

कल होगा सेमीफाइनल

सेमीफाइनल में शुक्रवार को ताजिकिस्तान के मौजूदा चैंपियन बखोदुर उस्मोनोव के खिलाफ होने वाले मुकाबले की तैयारियों में जुटे थापा ने कहा, ‘आपके नाम पर इस तरह का रिकॉर्ड होना अच्छा है। इससे यह भी पता चलता है कि समय कितनी जल्दी बीत गया। मैं इतने लंबे समय से एशियाई चैंपियनशिप में खेल रहा हूं।’

हर पदक की अपनी कहानी

थापा से पूछा गया कि इन पांच पदकों में से उनका पसंदीदा कौन सा है, उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक पदक की अपनी कहानी है, इनमें कोई पसंदीदा नहीं हो सकता है। इन पदकों के दौरान मैं विभिन्न टीमों का हिस्सा रहा और मैंने विभिन्न प्रशिक्षकों के साथ काम किया। इस बीच कुछ लोग हमेशा मेरे साथ बने रहे।’

बता दें कि पिछले साल जर्मनी में कोलोन विश्व कप में थापा के सहयोगी स्टाफ को कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उन्हें टूर्नामेंट से हटना पड़ा था। वह उनके लिए मुश्किल दिन थे। जिससे अब वो उबर कर अपना शानदार प्रदर्शन कर रहे है।

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