बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा घोषणापत्र में एलान किया गया है कि कोरोना वायरस वैक्सीन आने पर इसे राज्य में मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा।अब उसे लेकर देश में राजनीतिक माहौल गर्माता नजर आ रहा है। इस बाबत शिवसेना ने मुखपत्र सामना में बीजेपी पर निशाना साधा है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा, बीजेपी की असली नीति क्या है? उनका दिशा-दर्शक कौन है? ये स्पष्ट ही नहीं हो पा रहा है। इस बारे में थोड़ा भ्रम का माहौल बना दिख रहा है।
दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को आश्वासन दिया था कि सरकार प्रयास करेगी कि कोरोना की वैक्सीन आने पर उसे देश के सभी लोगों तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री टीके का वितरण करते समय कहीं भी जाति, धर्म, प्रांत, राजनीति को बीच में नहीं लाया जाएगा।
सामना में शिवसेना ने कहा, बीजेपी बिहार में जाकर चुनावी घोषणापत्र में वैक्सीन का राजनीतिकरण कर रही है। राज्य में चुनावी घोषणापत्र में भाजपा का पहला वादा ही वैक्सीन को लेकर है।
शिवसेना ने भाजपा से पूछा है कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है, वे राज्य क्या पाकिस्तान में हैं? या फिर इन राज्यों को वैक्सीन देने के लिए पुतिन रूस से आएंगे।
शिवसेना ने सामना के संपादकीय में कोरोना काल में हो रही चुनावी रैलियों को लेकर भी तंज किया है। शिवसेना ने कहा है कि नेताओं के हेलीकॉप्टर उड़ रहे हैं और प्रचंड भीड़ उमड़ रही है।
इस भीड़ में हो सकता है कि कोरोना की दबकर मौत हो जाए और राजनीतिक क्रांति हो जाए। संपादकीय में बीजेपी पर तंज करते हुए कहा गया कि बिहार में जो निर्णय आना होगा, वह आएगा लेकिन बीजेपी ने लोगों के मन में कोरोना का डर बढ़ाकर मुफ्त टीके की सुई लगाने का ‘फोकट’ उद्योग शुरू किया है।
संपादकीय में कहा गया है, सत्ता का लालच और मतदाताओं को लुभाने के लिए नैतिकता वाली पार्टी निचले स्तर तक चली गई है। बिहार में ही क्यों मुफ्त की वैक्सीन दी जाएगी?
क्या देश की बाकी जनता को इसकी जरूरत नहीं है। कोरोना के चलते देश में एक लाख से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। ऐसे में बिहार में इस मुद्दे पर राजनीति होना दुखद है।
शिवसेना ने सामना में कहा, बिहार चुनाव में विकास नाम का शब्द गुम हो गया है। देश की जनता वैक्सीन का इंतजार कर रही है। वैक्सीन को बनाने के लिए तीसरे चरण में काम चल रहा है, लेकिन वैक्सीन बिहार में भाजपा को वोट देने वालों को ही मिलेगा। अगर सत्ता बदलेगी तो क्या भाजपा वैक्सीन नहीं देगी।