मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील में कृषि विभाग एक बार फिर विवादों में आ गया है। किसानों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले सरकारी मूंगफली, मूंग और उड़द के बीज की कथित अनियमित बिक्री का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से पात्र किसानों तक सरकारी बीज नहीं पहुंच रहा है। उनका दावा है कि बीज को समूह संचालकों और प्रभावशाली लोगों के माध्यम से व्यापारियों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर सरकारी बीज के कट्टों को वाहनों में लोड करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
किसानों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि व्यापारियों के यहां मौजूद बीज का सत्यापन किया जाए और उसकी आपूर्ति का स्रोत जांचा जाए, तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। किसानों का आरोप है कि वे लंबे समय से बीज प्राप्त करने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, जबकि सरकारी बीज खुले बाजार में पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

किसानों ने मांग की है कि यदि जांच में अनियमितता या कालाबाजारी की पुष्टि होती है, तो इसमें शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचना चाहिए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।
वीडियो वायरल होने और किसानों के आरोपों के बाद अब सभी की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे।