Home ताजा खबर तनिष्क के विज्ञापन पर मचा बवाल ! गुजरात में लिखित में मांगी हिंदुओं से माफ़ी, पढ़े

तनिष्क के विज्ञापन पर मचा बवाल ! गुजरात में लिखित में मांगी हिंदुओं से माफ़ी, पढ़े

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Ruckus on Tanishq's advertisement! Apologies to Hindus in writing in Gujarat, read

जूलरी ब्रांड ‘तनिष्क’ के एक विज्ञापन को लेकर इस समय बवाल मचा हुआ है और आख़िरकार तनिष्क को माफ़ी मांगनी पड़ी है और उन्होंने इस विज्ञापन को हटा लिया है।

दरअसल एक गुजरात के गांधीधाम में कंपनी के एक शोरूम के मैनेजर से कहा जा रहा है की जबरन माफीनामा लिखवाया गया हैं। इस पूरी घटना के बाद ज्वेलरी शोरूम के मालिक ने एक नोट बाहर चिपका दिया है जिसमें हिंदुओं से माफ़ी मांगी गई है।

दरअसल तनिष्क ने एक विज्ञापन बनाया था जिसमे मुस्लिम परिवार में हिन्दू बहू की गोद भरने की रस्म अदा की जा रही है। हिजाब पहने एक महिला, साड़ी पहनी महिलाएं और नमाजी टोपी पहने लोग भी इस वीडियो में है।

इस वीडियो को देखने के बाद लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और लिखा की हमेशा हिन्दू लड़की को ही क्यों बलि का बकरा बनाया जाता है ? क्या कभी ये मुस्लिम महिला को साड़ी में दिखा सकते है ?

इसके बाद इस पुरे मसले पर जमकर बवाल हुआ। कंगना ने भी इस पर ट्वीट किया और लिखा, एक हिंदू धर्म की लड़की की शादी मुस्लिम परिवार में हुई। लड़की सहमे हुए स्वर में अपनी सास से पूछ रही है कि ये रस्म तो आप लोग के यहां मानी नहीं जाती है तो फिर क्यों हो रही है।

क्या वो उस घर की नहीं है? क्यों उसे ये पूछने की जरूरत पड़ रही है. क्यों वो अपने ही घर में इतनी दबी-दबी सी लग रही है. शर्मनाक। इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा, हमें आतंकवादियों के इस कलात्मक अंदाज से भी दूर रहना होगा जो हमारे मनोभाव में ऐसे बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं।

ये बहुत जरूरी हो गया है कि हम अपने इर्द-गिर्द की हर एक सोच को अच्छे से परखें और जानने की कोशिश करें कि इस तरह की विचारधारा हमें कितना प्रभावित कर सकती है और हमारा कितना नुकसान कर सकती है. यही एक रास्ता है जिससे हम अपनी सभ्यता हो बचा सकते हैं।

हालांकि लेखक चेतन भगत इससे सहमत नहीं थे। उन्होंने लिखा, यह सोच इकॉनमी को ऐसी जगह पर पहुंचा देगी कि जल्द ही उनके पास नौकरियां नहीं होंगी और इस तरह वे भविष्य में भी तनिष्क से कुछ भी खरीदने के काबिल नहीं रहेंगे. उनके बारे में फिक्र मत करो।

कांग्रेस के नेता दिग्विजय ने भी इस पुरे मामले में तनिष्क का बचाव किया है। दिग्विजय सिंह ने लिखा, आखिर भारत बहुलतावादी संस्कृति के ब्रांड कहे जाने वाले टाटा को क्यों ट्रोल किया जाना चाहिए ? रतन टाटा जी क्या आपने हिटलर के दौर में पास्टर मार्टिन नीमोलर की कविता पढ़ी है ? कृपया उस कविता के संदेश पर ध्यान दें।

इस पुरे विवाद के बाद आख़िरकार तनिष्क की और से माफ़ी मांग ली गई। उन्होंने लिखा, इस फिल्म पर उद्देश्य के विपरीत गंभीर प्रतिक्रियाएं आईं हैं।

आगे उन्होंने लिखा, हम अनजाने में लोगों की भावनाओं को हुए नुकसान के लिए दुख प्रकट करते हैं और अपने कर्माचारियों, पार्टनर्स और स्टोर स्टाफ की भलाई को ध्यान में रखते हुए विज्ञापन को वापस लेते हैं।

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