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विकास और सेवा के 2 वर्ष : अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का रिपोर्ट कार्ड, मंत्री नागर सिंह चौहान ने गिनाईं उपलब्धियां

मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के सर्वांगीण कल्याण हेतु शिक्षा, रोजगार और अधोसंरचना विकास के क्षेत्रों में निरंतर और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

By: Abhinav Tiwari 
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विकास और सेवा के 2 वर्ष : अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का रिपोर्ट कार्ड, मंत्री नागर सिंह चौहान ने गिनाईं उपलब्धियां

मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा जा रहा है। इसी क्रम में राजधानी भोपाल स्थित जनसंपर्क भवन में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपने विभाग की बीते दो वर्षों की उपलब्धियां और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

शिक्षा, रोजगार और अधोसंरचना पर सरकार का फोकस

मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के सर्वांगीण कल्याण हेतु शिक्षा, रोजगार और अधोसंरचना विकास के क्षेत्रों में निरंतर और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा 1 से लेकर उच्च शिक्षा तक कोई भी विद्यार्थी आर्थिक कारणों से पढ़ाई से वंचित न रहे। इसी लक्ष्य के तहत विद्यार्थियों को नियमित रूप से छात्रवृत्ति राशि का भुगतान किया जा रहा है।

छात्रावास सुविधाओं का व्यापक विस्तार

मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए छात्रावास सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वर्तमान में विभाग द्वारा प्रदेशभर में 1,913 छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें कुल 95,317 सीटें उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि पहले छात्रावासों की लगभग 80 प्रतिशत सीटें ही भर पाती थीं, लेकिन योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के चलते अब 86,356 सीटें भर चुकी हैं, जो 90 प्रतिशत से अधिक है। सरकार का लक्ष्य सभी सीटों को शत-प्रतिशत भरना है।

भवनविहीन छात्रावासों के लिए नई योजना

मंत्री नागर सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रदेश में 326 छात्रावास ऐसे हैं, जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है। इनमें से विगत वर्षों में 63 नवीन भवनों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 33 भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और शेष निर्माणाधीन हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 80 से अधिक नए छात्रावास भवनों के निर्माण को स्वीकृति देने की योजना है। सरकार का लक्ष्य आगामी तीन वर्षों में सभी भवनविहीन छात्रावासों के लिए नए भवनों का निर्माण पूरा करना है।

आदर्श छात्रावास और आधुनिक सुविधाएं

भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें वाई-फाई सुविधा, आधुनिक रसोई, ई-लाइब्रेरी और सोलर सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों को शासकीय सेवाओं में आयु सीमा में छूट दी जा रही है। प्रदेश के बाहर अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को आवास सहायता भी प्रदान की जा रही है।

सिविल सेवा, विदेश अध्ययन और स्वरोजगार को बढ़ावा

नागर सिंह चौहान ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भी सहयोग कर रही है। वर्तमान में 24 विद्यार्थी विदेश में अध्ययनरत हैं, जबकि इस वर्ष 31 नए विद्यार्थियों का चयन किया गया है। पोस्ट ग्रेजुएट अध्ययन के लिए विद्यार्थियों को दो वर्षों में 90 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।

स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 10 हजार रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करा रही है, जिससे अनुसूचित वर्ग के युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम

मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन के समान अवसर मिलें। बीते दो वर्षों में किए गए कार्य और आगामी योजनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि मध्यप्रदेश सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है।

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