देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन को दो महीने होने जा रहे है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान नेताओं और सरकार के बीच नौ दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
शीर्ष अदालत ने इस मामले में गतिरोध को समाप्त करने के लिये चार सदस्यीय समिति का गठन किया था लेकिन किसान संगठनों ने इस समिति को सरकार समर्थक बताया है और साफ कहा है कि वे सरकार से तो बारबार चर्चा को तैयार हैं लेकिन समिति के समक्ष नहीं जाएगा। किसानों का कहना है कि समिति के सदस्य पहले ही सरकार के कृषि कानूनों के पक्ष में राय दे चुके हैं।
इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा है। राहुल गाँधी पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर अपने आरोप से लगतार घेरने की कोशिश करते रहते है।
अपने सूट-बूट वाले दोस्तों का 875000 करोड़ क़र्ज़ माफ़ करने वाली मोदी सरकार अन्नदाताओं की पूंजी साफ़ करने में लगी है। pic.twitter.com/p6qL0bifQW
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 18, 2021
और अब राहुल गाँधी ने अपने ट्वीट में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है किअपने सूट-बूट वाले दोस्तों का 875000 करोड़ क़र्ज़ माफ़ करने वाली मोदी सरकार अन्नदाताओं की पूंजी साफ़ करने में लगी है।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान 26 नवंबर, 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर और देश में कोने कोने में प्रदर्शन चालू है। दिल्ली कड़ी ठंड में भी किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
किसानओ का कहना है कि जब तक कृषि कानून को केंद्र सरकार वापस नहीं लेगी तब तक वह अपना प्रदर्शन चालू रखगे। किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानून एमएसपी के सुरक्षा घेरे को समाप्त करने और मंडी प्रणाली को बंद करने का रास्ता साफ करेंगे।
बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ 54 दिन से किसानों का प्रदर्शन जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार को 26 जनवरी के लिए ‘किसान गणतंत्र दिवस परेड’ की योजनाओं का ब्योरा साझा किया। मोर्चा ने कहा, “देश के अन्नदाता देश के जवानों के साथ गणतंत्र दिवस मनाना चाहते हैं।”