एक तरफ किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है, तो दूसरी ओर राहुल गांधी ने भी केन्द्र सराकर पर हमले तेज कर दिये है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन को लेकर आज एक बार फिर पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने सुबह ट्वीट करके बिना पीएम मोदी का नाम लिए बिना कहा है कि अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए और किसान का अधिकार दीजिए। आप को बता दे कि आज केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने दोपहर तीन बजे किसानों को बातचीत के लिए बुलाया है।
आप को बता दें कि इससे पहले, सोमवार को राहुल ने किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा, जब हमारे अन्नदाता किसान अपनी आवाज उठाते हैं तो यह आवाज पूरे देश में गूंजती है।
राहुल गांधी ने ट्वीट में कहा है कि ‘’अन्नदाता सड़कों-मैदानों में धरना दे रहे हैं, और ‘झूठ’ टीवी पर भाषण! किसान की मेहनत का हम सब पर क़र्ज़ है। ये क़र्ज़ उन्हें न्याय और हक़ देकर ही उतरेगा, न कि उन्हें दुत्कार कर, लाठियां मारकर और आंसू गैस चलाकर। जागिए।’’ अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए और किसान का अधिकार दीजिए।
अन्नदाता सड़कों-मैदानों में धरना दे रहे हैं,
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‘झूठ’ टीवी पर भाषण!किसान की मेहनत का हम सब पर क़र्ज़ है।
ये क़र्ज़ उन्हें न्याय और हक़ देकर ही उतरेगा, न कि उन्हें दुत्कार कर, लाठियाँ मारकर और आंसू गैस चलाकर।
जागिए, अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए और किसान का अधिकार दीजिए।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 1, 2020
आप को बता दें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ बीते पांच दिनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में धरना दे रहे हैं। कड़कड़ाती ठंढ़ में भी किसान आंदोलन के लिए जमे हुए हैं।
हालांकि किसानों के आंदोनक को देखते हुए केंद्र सरकार उनसे बातचीत करने की कोशिश कर रही है, इसी सिलसिले में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया है। आज दोपहर तीन बजे विज्ञान भवन में सरकार और किसानों के बीच बातचीत भी होनी तय हुई है।
किसानों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह जबतक हमारी बात नहीं सुनते तब तक आंदोलन चलेगा। सरकार नहीं मानी तो और कड़ा कदम उठाएंगे। सरकार को हमारी बात माननी ही पड़ेगी। यह एतिहासिक लड़ाई है। हम लंबी लड़ाई के लिए आए हैं। कृषि क़ानून नहीं बदला तो सरकार का तख़्ता पलट देंगे।