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रतलाम में 15 अगस्त की व्यवस्थाओं पर सवाल, कहीं तिरंगा चोरी तो कहीं कार्यक्रम स्थल में घुसे आवारा कुत्ते

रतलाम में स्वतंत्रता दिवस के दौरान तिरंगा चोरी, उल्टा राष्ट्रीय ध्वज दिखने, ध्वजारोहण नहीं होने, बारिश में तिरंगा खुले में पड़े रहने और कार्यक्रम स्थल में आवारा कुत्तों के घुसने जैसे मामले चर्चा में आए। इन घटनाओं ने 15 अगस्त की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

By: Nivedita 
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रतलाम में 15 अगस्त की व्यवस्थाओं पर सवाल, कहीं तिरंगा चोरी तो कहीं कार्यक्रम स्थल में घुसे आवारा कुत्ते

रतलाम:  स्वतंत्रता दिवस देश की आजादी, राष्ट्रीय गौरव और तिरंगे के सम्मान का पर्व है। लेकिन रतलाम जिले में 15 अगस्त के दौरान सामने आई अलग-अलग घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं ध्वजारोहण के बाद तिरंगा चोरी होने की बात सामने आई, तो कहीं राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा लेकर घूमने का वीडियो चर्चा में रहा। एक सरकारी कार्यालय में ध्वजारोहण नहीं होने और बारिश के बीच तिरंगे के खुले में पड़े रहने की जानकारी ने भी लोगों का ध्यान खींचा।

ध्वजारोहण के बाद तिरंगा चोरी होने का दावा

जानकारी के मुताबिक, जिले के चिपिया गांव में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद राष्ट्रीय ध्वज चोरी होने की घटना सामने आई। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां दूसरा तिरंगा लगाया गया। घटना के बाद राष्ट्रीय ध्वज की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

उल्टा तिरंगा लेकर घूमने का वीडियो वायरल

एक निजी संस्थान से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में एक व्यक्ति के हाथ में कथित तौर पर उल्टा तिरंगा दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और कार्यक्रम के दौरान बरती गई सावधानी को लेकर सवाल उठाए हैं।

सरकारी कार्यालय में ध्वजारोहण नहीं होने की बात

जिले के एक शासकीय कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण नहीं हो पाने की जानकारी भी सामने आई है। यदि यह तथ्य सही है, तो राष्ट्रीय पर्व के आयोजन को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की तैयारियों और जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि इस मामले में संबंधित विभाग की आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।

बारिश में खुले में पड़ा मिला तिरंगा

एक अन्य घटना में ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद बारिश के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के खुले में पड़े रहने की बात कही जा रही है। तिरंगे के सम्मान और संरक्षण के लिए कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी उचित व्यवस्था किए जाने की जरूरत होती है। इस घटना ने भी आयोजन से जुड़े जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम स्थल में घुसे आवारा कुत्ते

इसी बीच स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कार्यक्रम स्थल पर आवारा कुत्तों के पहुंचने का मामला भी सामने आया। बताया गया कि पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कुत्तों को मैदान से बाहर किया। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी चर्चा शुरू हो गई।

सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल

इन घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक ही जिले में स्वतंत्रता दिवस के दौरान तिरंगे से जुड़े कई मामले सामने आने के बाद लोग व्यवस्थाओं और जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

जांच के बाद तय होनी चाहिए जिम्मेदारी

इन घटनाओं में लगाए गए आरोपों और सामने आए वीडियो की वास्तविकता संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित अधिकारी सभी मामलों की तथ्यात्मक जांच करें और यदि कहीं लापरवाही प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारी तय की जाए। राष्ट्रीय ध्वज देश की संप्रभुता, सम्मान और गौरव का प्रतीक है। इसलिए स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर तिरंगे की गरिमा और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।

 

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