उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को अयोध्या एयरपोर्ट का नाम बदलने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है अब आयोध्या में बनने वाले एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम एयरपोर्ट होगा। पहले इसका नाम अंतरराष्ट्रीय श्रीराम एयरपोर्ट रखने की बात थी लेकिन अब मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम एयरपोर्ट नाम पर यूपी कैबिनेट की मोहर लग चुकी है।
देश की सर्वोच्च न्यायालय ने 9 नवंबर, 2019 को एक ऐतहासिक फैसला सुनाया था कोर्ट ने न सिर्फ 491 साल पुराने विवाद का निपटारा किया था बल्कि अयोध्या को उसका सम्मान वापस लौटाया।
अब अयोध्या में उत्तर प्रदेश की सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार तेजी से विकास कर रही है विश्व के नक्शे पर सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में उभरते ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था का यह एक मजबूत संबल साबित होगी। दुनिया भर से अयोध्या को जोड़ने के लिए अयोध्या में एयरपोर्ट बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
योगी सरकार जल्द से जल्द भगवान राम की नगरी को हर तरह से डेवलेप करके कुछ इस तरह से डेवलेप करना चाहती है कि देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों पर अमिट छाप छोड़ सके और अयोध्या नगरी में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर, श्री राम की दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति और अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, वैदिक और आधुनिक सिटी के समन्वित मॉडल के रूप में नव्य अयोध्या के अलावा अन्य कई योजनाएं योगी सरकार की प्राथमिकताओं में हैं।
केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही आयोध्या से कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। एयरपोर्ट बनने के कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से भी यहां की पहुंच आसान होगी। इसके अलावा चित्रकूट तक फोरलेन मार्ग, बनारस के लिए फोरलेन सड़क, राम वनगमन मार्ग का विकास किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीयमर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम एयरपोर्ट अयोध्या को सीधे विश्व से जोड़ देगा। प्रदेश सरकार ने इस एयरपोर्ट के लिए छह सौ एकड़ भूमि खरीद की प्रक्रिया पूरी होने वाली है इसके बाद नवीन अयोध्या पूरे विश्व में पर्यटकों के लिए आर्कषित करेगी। नव्य अयोध्या 1250 एकड़ में प्रस्तावित है, जहां पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी। इसके अलावा अयोध्या को लेकर योगी सरकार की अन्य कई बड़ी योजनाएं हैं।