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बड़वानी में 600 से अधिक संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को अल्टीमेटम, हड़ताल पर सख्ती बढ़ी

बड़वानी जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही, जिसमें 600 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं। हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने का अल्टीमेटम जारी किया है और चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न करने पर उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमितीकरण, वेतन विसंगति और सेवा सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और दबाव में नहीं आएंगे।

By: Nivedita 
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बड़वानी में 600 से अधिक संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को अल्टीमेटम, हड़ताल पर सख्ती बढ़ी

बड़वानी जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए 600 से अधिक कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने का अल्टीमेटम जारी किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि कार्य पर वापस न लौटने की स्थिति में उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।

विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल

जानकारी के अनुसार हड़ताल में अर्बन हेल्थ, टीबी कार्यक्रम, डीईआईसी, डाटा एंट्री ऑपरेटर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और अन्य श्रेणियों के कुल 601 संविदा कर्मचारी शामिल हैं। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने लगा है, खासकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्थिति अधिक प्रभावित हुई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

सीएमएचओ डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार जिले में कुल 768 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में कर्मचारी हड़ताल पर हैं। पाटी, निवाली और जिला अस्पताल क्षेत्रों में इसका सीधा असर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं के जरिए सेवाएं जारी रखने का दावा किया है।

कर्मचारियों का सरकार पर दबाव बनाने का आरोप

धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने विभागीय नोटिस को दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से नियमितीकरण, वेतन विसंगति और सेवा सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।

आंदोलन जारी, आगे की रणनीति पर नजर

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और प्रदेशव्यापी है। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी। वहीं प्रशासन ने कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए जल्द काम पर लौटने के निर्देश दिए हैं।

 

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