1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. जबलपुर में गोंड राजाओं की बलिदान भूमि पर कैंटीन निर्माण का विरोध तेज

जबलपुर में गोंड राजाओं की बलिदान भूमि पर कैंटीन निर्माण का विरोध तेज

जबलपुर में गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की बलिदान स्थली एवं बंदीगृह परिसर में कैंटीन निर्माण के निर्णय का आदिवासी संगठनों ने विरोध किया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह स्थल ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां किसी भी तरह का व्यावसायिक निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठनों ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए आंदोलन और कानूनी लड़ाई की चेतावनी दी है, साथ ही राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर निर्णय वापस लेने की मांग की है।

By: Nivedita 
Updated:
जबलपुर में गोंड राजाओं की बलिदान भूमि पर कैंटीन निर्माण का विरोध तेज

जबलपुर में गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की बलिदान स्थली एवं बंदीगृह परिसर में कैंटीन निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन द्वारा बिना आदिवासी संगठनों को जानकारी दिए लिए गए इस निर्णय के बाद गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और अन्य संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

पर्यटन विभाग के अधीन स्थल पर फैसले से नाराजगी

जानकारी के अनुसार यह बंदीगृह केंद्र सरकार के माध्यम से लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया था और वर्तमान में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अधीन है। आदिवासी संगठनों का कहना है कि यह स्थल गोंड राजाओं के बलिदान से जुड़ा ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व रखता है, ऐसे में यहां कैंटीन निर्माण उचित नहीं है।

सरकार की नीति पर सवाल, आंदोलन की चेतावनी

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश महासचिव किशोरीलाल भलावी ने इस निर्णय को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने वाले समुदायों की भावनाओं को नजरअंदाज किया तो संगठन सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करेगा। साथ ही 2028 के चुनाव में सरकार बदलने की चेतावनी भी दी गई है।

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया

विरोध के चलते संगठनों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर निर्णय वापस लेने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि इस ऐतिहासिक स्थल की गरिमा बनाए रखना जरूरी है और किसी भी तरह का व्यावसायिक उपयोग अस्वीकार्य है।

 

 रिपोर्ट – दिनेश चौधरी 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...