कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार को लोकसभा सांसद के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने संविधान की प्रति अपने हाथ में लेकर लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस शपथ के साथ ही प्रियंका गांधी लोकसभा में नेहरू-गांधी परिवार की 16वीं सदस्य बन गई हैं।
नेहरू-गांधी परिवार का ऐतिहासिक जुड़ाव
1953 के बाद यह पहला मौका है जब नेहरू-गांधी परिवार से भाई-बहन की जोड़ी—राहुल गांधी और प्रियंका गांधी—संसद में एक साथ नजर आएगी। इससे पहले देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उनकी बहन विजयलक्ष्मी पंडित संसद में साथ रहे थे।
गांधी परिवार का अटूट जुड़ाव संसद से
प्रियंका गांधी का संसद में प्रवेश गांधी-नेहरू परिवार के ऐतिहासिक जुड़ाव को और मजबूत करता है। यह परिवार स्वतंत्र भारत के संसदीय इतिहास में हमेशा से केंद्र में रहा है। प्रियंका से पहले सोनिया गांधी, राहुल गांधी, इंदिरा गांधी, और राजीव गांधी जैसे नामचीन नेता भी संसद का हिस्सा रह चुके हैं।
गांधी परिवार के तीन सदस्य संसद में
इस बार गांधी परिवार से तीन सदस्य—सोनिया गांधी (राज्यसभा), राहुल गांधी, और प्रियंका गांधी—संसद का हिस्सा हैं। यह एक अनोखा पल है जब मां और उनके दो बच्चे एक साथ संसद में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
प्रियंका गांधी की नई शुरुआत
प्रियंका गांधी का संसद में पदार्पण भारतीय राजनीति में उनके सक्रिय हस्तक्षेप की शुरुआत को दर्शाता है। जहां राहुल गांधी ने कांग्रेस का नेतृत्व मजबूत किया है, वहीं प्रियंका का संसद में आना पार्टी को नई ऊर्जा और दिशा देने की संभावना जगाता है।
यह शपथ गांधी-नेहरू परिवार के राजनीतिक योगदान और भारतीय लोकतंत्र में उनके गहरे संबंध को एक बार फिर उजागर करती है।