बैतूल (मध्य प्रदेश)। जिले में 18 जून का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है, जब भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू पहली बार बैतूल पहुंचेंगी। ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित “आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज सशक्तिकरण” महासम्मेलन के लिए लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम को भव्य रूप से सजाया गया है और सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
कार्यक्रम के लिए स्टेडियम में चार प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। गेट नंबर-1 से राष्ट्रपति का प्रवेश होगा, गेट नंबर-2 वीआईपी अतिथियों के लिए और गेट नंबर-3 व 4 आम नागरिकों के लिए निर्धारित किए गए हैं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
समारोह में पारंपरिक जनजातीय संस्कृति, सांस्कृतिक नृत्य और आध्यात्मिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। आयोजन के माध्यम से आदिवासी समाज के सशक्तिकरण और आध्यात्मिक जागरण का संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी. उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित ब्रह्माकुमारीज़ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे।

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे शहर में उत्साह का माहौल है। प्रमुख मार्गों और आयोजन स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। यह आयोजन बैतूल के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है, जो आध्यात्मिकता और सामाजिक सशक्तिकरण का संदेश देगा।