पन्नाः गैस की किल्लत के चलते सरकारी स्कूलों में बच्चों का निवाला संकट में पड़ गया है। ‘पीएम पोषण शक्ति निर्माण’ योजना के तहत मध्याह्न भोजन बनाने वाले स्व-सहायता समूहों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जिले की सैकड़ों महिलाओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। समूहों का आरोप है कि शासन के सख्त निर्देश हैं कि खाना केवल गैस चूल्हे पर ही बनेगा, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गैस एजेंसियों से सिलेंडर मिलना दूभर हो गया है। सिलेंडर के अभाव में अब स्कूलों और सांझा चूल्हा केंद्रों की रसोई बंद होने की कगार पर है।
बतादें कि अजयगढ़ से लेकर शाहनगर तक, जिले के पाँचों विकासखंडों की महिलाओं ने कलेक्टर ऊषा परमार को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि गैस आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं हुई, तो वे भोजन वितरण का कार्य पूरी तरह ठप कर देंगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की आश्वासन वाली घुट्टी क्या इन बुझते चूल्हों को फिर से जला पाएगी?
पन्ना से संवाददाता राजेश रावत की रिपोर्ट