बड़वानीः मध्यप्रदेश सरकार जल संरक्षण को लेकर काफी संवेदनशील नजर आ रही है। 2026 में यह अभियान 19 मार्च से शुरू होकर, नदियों, तालाबों, कुओं और बावड़ियों के जीर्णोद्धार, गहरीकरण, और वृक्षारोपण के माध्यम से वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर को बढ़ाने पर केंद्रित है। इसी कड़ी में बडवानी में इस वर्ष भी जलगंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ 19 मार्च से होगा, जो 30 जून तक चलेगा।
अभियान के अंतर्गत समाज की भागीदारी और विभिन्न सहभागी विभागों के समेकित प्रयास से खासकर जन जागरूकता, नवीन जलसंग्रहण संरचनाओं के निर्माण, भूजल संवर्धन, पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं की साफ सफाई और मरम्मत या नवीनीकरण, जल गुणवत्ता परीक्षण, जल स्रोतों में प्रदूषण के स्तर को कम करने, जल स्रोतों तथा जल वितरण प्रणालियों की साफ सफाई और मॉनसून में किए जाने वाले पौधारोपण के लिए आवश्यक तैयारियों के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे।
इसके तहत कलेक्टर जयति सिंह ने जिले के विभिन्न विकासखंडों का दौरा कर नवीन तालाब निर्माण और गहरीकरण के लिए चिन्हित जगहों का भौतिक सत्यापन व निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ, संयुक्त कलेक्टर सहित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं राजस्व व तकनीकी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने बड़वानी विकासखण्ड के ग्राम अम्बापानी, अम्ल्यापानी, कालाखेत में नवीन तालाब निर्माण के लिए चयनित भूमि का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तकनीकी मापदंडों के अनुसार हो अनुसार हो ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन किया जा सके और आबादी को भी इससे लाभ हो साथ ही भू जल स्तर में सुधार हो। पाटी जनपद पंचायत के ग्राम चारपटिया, सांवरियापानी और जूनाझिरा में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बनने वाले नवीन तालाबों लिए चिन्हित स्थानों एवं अन्य जल संग्रहण इकाइयों का निरीक्षण कर स्पष्ट किया कि जल स्रोतों का विस्तार ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती के लिए अत्यंत आवश्यक है। ठीकरी विकासखंड के ग्राम बघाड़ी, पाडला, रूपखेड़ा, खुरमपुरा, मंडवाड़ा में कलेक्टर ने पुराने तालाबों के निरीक्षण कर गहरीकरण के निर्देश दिए।