पीएम मोदी आज, 22 दिसंबर को सुबह 11 बजे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे। इस बात की जानकारी खुद पीएम मोदी ने ट्वीट करके दी है।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा’ “कल, 22 दिसंबर को सुबह 11 बजे, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में बोलेंगे। पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस आयोजन के दौरान एक डाक टिकट भी जारी करेंगे।”
At 11 AM tomorrow, 22nd December, will be speaking at the centenary celebrations of the Aligarh Muslim University. @AMUofficialPRO https://t.co/hPkXBQuXGB
— Narendra Modi (@narendramodi) December 21, 2020
पीएम मोदी के शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने से देश और दुनिया में फैले एएमयू समुदाय को एक अहम संदेश मिलेगा। इस ही के साथ आप को बता दे कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के किसी कार्यक्रम में 56 साल बाद कोई प्रधानमंत्री शामिल होंगे।
इसके पहले सन 1964 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था। इस बार के समारोह के लिए कई प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित रहेंगे। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय 1920 में भारतीय विधान परिषद के एक अधिनियम के माध्यम से एक विश्वविद्यालय बना।
इस अधिनियम के तहत मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल (एमएओ) कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देकर एक विश्वविद्यालय बनाया गया। आप को बता दे कि एमएओ कॉलेज की स्थापना 1877 में सर सैयद अहमद खान ने की थी।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में स्थित इस विश्वविद्यालय का परिसर 467.6 हेक्टेयर भूमि पर फैला है। अलीगढ़ से बाहर इसके तीन परिसर हैं। ये कैंपस केरल के मलप्पुरम, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद-जंगीपुर और बिहार के किशनगंज में स्थित हैं।
कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अपनी सहमति जताने पर पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय समुदाय विश्वविद्यालय के 100 वर्षों के समारोहों में भाग लेने के लिए उनकी स्वीकृति के लिए आभारी है।
इस ऐतिहासिक वर्ष के दौरान विश्वविद्यालय की आउटरीच इसके विकास और निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में हमारे छात्रों के प्लेसमेंट में काफी मदद करेगी। प्रोफेसर मंसूर ने विश्वविद्यालय समुदाय से कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रयास करने को कहा।
इसके साथ ही कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी के लिए स्टाफ के सदस्यों, छात्रों, पूर्व छात्रों और एएमयू शुभचिंतकों से इसमें शामिल होने के लिए कहा है। उन्होंने सभी संबंधितों से गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती जैसे शताब्दी कार्यक्रम को राजनीति से ऊपर रखने की अपील की है।
इस ही साथ आप को बता दे कि इस महीने की शुरुआत में, विश्वविद्यालय ने घोषणा की थी कि शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुख्य अतिथि होने की उम्मीद थी। एएमयू सूत्रों के अनुसार, मुख्य अतिथि के बदलाव पर अंतिम समय में फैसला लिया गया है।
गौरतलब है कि मुहम्मद एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज 1 दिसंबर 1920 को राजपत्र अधिसूचना के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बन गया था। उस वर्ष 17 दिसंबर को एएमयू का औपचारिक रूप से एक विश्वविद्यालय के रूप में उद्घाटन किया गया था।