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पीएम मोदी कल होंगे AMU शताब्दी समारोह में शामिल

By: RNI Hindi Desk 
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पीएम मोदी कल होंगे AMU शताब्दी समारोह में शामिल

पीएम मोदी अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय (एएमयू) के शताब्‍दी समारोह में मंगलवार को मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे, और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे।

संस्थान द्वारा जारी बयान के मुताबिक 22 दिसंबर को इस समारोह में प्रधानमंत्री के साथ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी भाग लेंगे। हालांकि पीएम मोदी के इस कार्यक्रम में शामिल होना कई लोगों को रास नहीं आ रहा है।

कई लोग पीएम मोदी पर कार्यक्रम में शामिल होने के लेकर आलोचना कर चुके हैं. इन आलोचकों में प्रसिद्ध इतिहासकार इरफान हबीब का नाम भी शामिल है। एएमयू के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर इतिहासकार प्रोफेसर इरफान हबीब का कहना है कि यह एएमयू के लिए गर्व की बात नहीं है।

यूनिवर्सिटी में स्कॉलर आते हैं. इससे कोई फर्फ नहीं पड़ता कि पीएम मोदी इस समारोह में शामिल हो रहे हैं या नहीं, खासकर तब जब पीएम प्राचीन संस्कृति पर देश को गुमराह कर रहा हो।

इरफान हबीब ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सामाजिक पहलुओं पर अलग मत हैं। यह अलग नियमों पर चलती है। हबीब ने कहा कि बीजेपी को देश की संस्कृति को बर्बाद करने का कोई हक नहीं है।

उत्तर प्रदेश में लव जिहाद का कानून पास हुआ है और पीएम मोदी ऐसी बातों को बर्दाश्त कर रहे हैं। वहीं इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक विशेष डाक टिकट भी जारी करेंगे। इस मौके पर एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने पीएम मोदी के प्रति आभार जताया है।

कुलपति, प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि AMU समुदाय विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री का आभारी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक वर्ष के दौरान विश्वविद्यालय का और अधिक विकास होगा, जिससे छात्रों को निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में नियुक्ति में मदद मिलेगी।

प्रोफेसर मंसूर ने विश्वविद्यालय के समुदाय, कर्मचारियों, सदस्यों, छात्रों और पूर्व छात्रों से आगामी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि शताब्दी समारोह में अभी लोग राजनीति से ऊपर उठकर शामिल हो।

हालांकि कई छात्रों और शिक्षकों ने पीएम की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की है तो वहीं कुछ लोग इसके विरोध में हैं। इस कार्यक्रम का कई छात्र नेताओं ने विरोध किया है और काले झंडे दिखाने का ऐलान भी किया है।

वहीं माहौल खराब न हो, इसके लिए करीब 20-22 रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान पहले से ही सामान्य सुरक्षा के अलावा विश्वविद्यालय के बाहर तैनात किए गए हैं।

एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने कहा कि मोदी की उपस्थिति किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर वीसी व्यक्तिगत लाभ की तलाश में है तो वह उसे मैरिस रोड स्थित अपने आवास पर बुला सकते हैं।

अगर इस कार्यक्रम के कारण विश्वविद्यालय का माहौल बिगड़ता है, तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। वहीं एएमयू शिक्षकों ने इस आयोजन का स्वागत किया है।

विश्वविद्यालय में धर्मशास्त्र संकाय के प्रोफेसर रेहान अख्तर काजमी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

उन्होंने एएमयू के कुलपति के प्रयास की प्रशंसा की और इसे विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक पल का नाम दिया, साथ ही संकाय और छात्रों के बीच उत्साह को साझा किया।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने दो साल पहले विज्ञान भवन में एक हाथ में कुरान और दूसरे में कंप्यूटर के साथ मुस्लिम लोगों को देखने के लिए अपनी इच्छा साझा की थी और यह आयोजन मुस्लिम समुदाय के लिए एक नई शुरुआत होगी।

आप को बता दे कि इस महीने की शुरुआत में विश्वविद्यालय ने घोषणा की थी कि शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि हो सकते हैं। विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, मुख्य अतिथि में बदलाव अंतिम समय में किया गया है।

मुहम्मद एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज एक दिसंबर 1920 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना और उसी साल 17 दिसंबर को विश्वविद्यालय के रूप में इसका औपचारिक रूप से उद्घाटन किया गया।

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