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पीएम मोदी ने कहा 2020 स्वास्थ्य चुनौतियों का वर्ष था, तो 2021 स्वास्थ्य समाधान का वर्ष होगा

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पीएम मोदी ने गुरुवार को गुजरात के राजकोट में एम्स की आधारशिला रखी। पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस मौके पर पीएम मोदी कहा नया साल दस्तक दे रहा है। आज देश के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने वाली एक और कड़ी जुड़ रही है। राजकोट में एम्स के शिलान्यास से गुजरात सहित पूरे देश के स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन को बल मिलेगा।

उन्होंने अपने सम्बोधन में आगे कहा कि साल 2020 को एक नई नेशनल हेल्थ फेसिलिटी के साथ विदाई देना, इस साल की चुनौती को भी बताता है और नए साल की प्राथमिकता को भी दर्शाता है।

पीएम बोले स्वास्थ्य पर जब चोट होती है तो जीवन का हर पहलू बुरी तरह प्रभावित होता है और सिर्फ परिवार नहीं पूरा सामाजिक दायरा उसकी चपेट में आ जाता है।

मोदी ने कहा इसलिए साल का ये अंतिम दिन भारत के लाखों डॉक्टर्स, हेल्थ वॉरियर्स, सफाई कर्मियों, दवा दुकानों में काम करने वाले, और दूसरे फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स को याद करने का है। कर्तव्य पथ पर जिन साथियों ने अपना जीवन दे दिया है, उन्हें मैं सादर नमन करता हूं।

उन्होंने आगे कहा मुश्किल भरे इस साल ने दिखाया है कि भारत जब एकजुट होता है तो मुश्किल से मुश्किल संकट का सामना वो कितने प्रभावी तरीके से कर सकता है।

पीएम ने कहा भारत ने एकजुटता के साथ समय पर प्रभावी कदम उठाए, उसी का परिणाम है कि आज हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं। जिस देश में 130 करोड़ से ज्यादा लोग हों, घनी आबादी हों। वहां करीब 1 करोड़ लोग इस बीमारी से लड़कर जीत चुके हैं।

मोदी ने कहा साल 2020 में संक्रमण की निराशा थी, चिंताएं थी, चारों तरफ सवालिया निशान थे। लेकिन 2021 इलाज की आशा लेकर आ रहा है। वैक्सीन को लेकर भारत में हर जरूरी तैयारियां चल रही हैं।

उन्होंने कहा 2003 में अटल जी की सरकार ने छह एम्स को फिर से जोड़ने की योजना बनाई थी। ये नए छक्के 2012 में पूरे हुए, कुल 9 साल!

पीएम ने कहा पिछले छह वर्षों में, हमने 10 नए एम्स पर काम शुरू किया है, जिनमें से कुछ पहले से ही कार्यात्मक हैं। देश में एम्स के अलावा 20 सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भी बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा बीते दो दशकों में गुजरात में जिस प्रकार का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ है, वो बड़ी वजह है कि गुजरात कोरोना की चुनौती से बेहतर तरीके से निपट पा रहा है। एम्स राजकोट, गुजरात के हेल्थ नेटवर्क को और भी सशक्त करेगा, मजबूत करेगा।

मोदी ने कहा मेडिकल सेक्टर में गुजरात की सफलता के पीछे 2 दशकों का अनवरत प्रयास है, समर्पण और संकल्प है। बीते 6 सालों में इलाज और मेडिकल एजुकेशन को लेकर जिस स्केल पर काम हुआ है, उसका निश्चित लाभ गुजरात को भी मिल रहा है।

पीएम ने आगे कहा आयुष्मान भारत योजना के कारण गरीब लोगों के 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। इस योजना ने भारत के गरीब लोगों को पैसे की कमी के कारण अच्छे इलाज के संघर्ष से मुक्त कर दिया है।

उन्होंने कहा जनऔषधि केंद्र बीमारी के दौरान गरीब लोगों के दोस्त भी हैं। पूरे देश में इस तरह के 7,000 से अधिक केंद्र लोगों को 90% सस्ती दवाएं प्रदान करते हैं। 3.5 लाख से अधिक गरीब मरीज दैनिक आधार पर इन केंद्रों का उपयोग करते हैं।

पीएम आगे बोले आजादी के इतने दशकों बाद भी सिर्फ 6 एम्स ही बन पाए थे। 2003 में अटल जी की सरकार ने 6 नए एम्स बनाने के लिए कदम उठाए थे। उन्हें बनाते बनाते 2012 आ गया था, यानी 9 साल लग गए थे।

पीएम ने कहा बीते 6 वर्षों में 10 नए एम्स बनाने पर काम हो चुका है। जिनमें से कई आज पूरी तरह काम शुरू कर चुके हैं। एम्स के साथ ही देश में 20 एम्स जैसे सुपर स्पैशिलिटी हॉल्पिटल्स पर भी काम किया जा रहा ।

मोदी ने कहा आयुष्मान भारत योजना से गरीबों के लगभग 30 हजार करोड़ रुपये ज्यादा बचे हैं। आप सोचिए, इस योजना ने गरीबों को कितनी बड़ी आर्थिक चिंता से मुक्त किया है। अनेकों गंभीर बीमारियों का इलाज गरीबों ने अच्छे अस्पतालों में मुफ्त कराया है।

उन्होंने कहा 2014 से पहले हमारा हेल्थ सेक्टर अलग अलग दिशा में, अलग अलग अप्रोच के साथ काम कर रहा था। प्राइमरी हेल्थ केयर का अपना अलग सिस्टम था, गांव में सुविधाएं न के बराबर थी।

मोदी बोले भारत में मातृ मृत्यु दर अतीत की तुलना में बहुत कम हो गई है। परिणाम पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है – कार्यान्वयन और प्रभाव दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। व्यवहार प्रतिमानों में व्यापक बदलाव लाने के लिए, हमें प्रक्रिया में सुधार करना चाहिए।

उन्होंने कहा हमने हेल्थ सेक्टर में होलिस्टिक तरीके से काम शुरू किया। हमने जहां एक तरफ Preventive care पर बल दिया, वहीं इलाज की आधुनिक सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी।

मोदी बोले हम भारत में चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गठन के बाद स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा।

उन्होंने कहा साढ़े 3 लाख से ज्यादा गरीब मरीजों को हर रोज इन केंद्रों का लाभ मिल रहे है। सस्ती दवाओं की वजह से गरीबों के हर साल औसतन 3600 करोड़ रुपये खर्च होने से बच रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा हमने जहां गरीब का इलाज पर होने वाला खर्च कम किया। वहीं इस बात पर भी जोर दिया कि डॉक्टरों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो।

उन्होंने आगे कहा आज हेल्थ और वैलनेस को लेकर देशभर में एक सतर्कता आई है, गंभीरता आई है। शहरों के साथ ही दूर-दराज के गांवों में भी ये सतर्कता हम देख रहे हैं।

मोदी बोले पिछले छह वर्षों में, एमबीबीएस में 31,000 नई सीटें जोड़ी गई हैं, और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 24,000 नई सीटें जोड़ी गई हैं। भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर बदलाव की ओर बढ़ रहा है।

मोदी ने आगे कहा यदि 2020 स्वास्थ्य चुनौतियों का वर्ष था, तो 2021 स्वास्थ्य समाधान का वर्ष होगा।

पीएम बोले भारत ने मांग के अनुसार अनुकूलन, विकास और विस्तार करने की अपनी क्षमता साबित की है। हम दुनिया के साथ आगे बढ़े, सामूहिक प्रयासों में मूल्य जोड़ा और बाकी सब चीजों से ऊपर मानवता की सेवा की।

मोदी बोले आज, भारत में मानव जाति की सेवा करने की भावना के साथ-साथ क्षमता भी है। भारत वैश्विक स्वास्थ्य के तंत्रिका-केंद्र में बदल गया है।

उन्होंने कहा यहां दुनिया को Mass Immunization का experience भी मिलेगा और expertise भी मिलेगी। यहां दुनिया को हेल्थ सॉल्यूशन और टेक्नोलॉजी को इंटिग्रेट करने वाले स्टार्टअप और स्टार्टअप इकोसिस्टम भी मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा भारत Future of Health और Health of Future दोनों में ही सबसे महत्त्वपूर्ण रोल निभाने जा रहा है। जहां दुनिया को Competent Medical Professionals भी मिलेंगे, उनका सेवाभाव भी मिलेगा।

मोदी ने कहा 2020 को एक नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के साथ विदाई देना, इस साल की चुनौतियों को भी दर्शाता है। साल का ये अंतिम दिन भारत के लाखों फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स को याद करने का है, जो मानवता की रक्षा के लिए अपने जीवन को दांव पर लगा रहे हैं।

उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा वर्ष 2021 इलाज की आशा लेकर आ रहा है। देश में बनी वैक्सीन तेजी से हर जरूरी वर्ग तक पहुंचे इसकी कोशिशें अंतिम चरणों में हैं। दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाने के लिए हमारी तैयारियां जोरों पर हैं।

मोदी ने कहा देश में लगभग 7,000 जन औषधि केंद्र गरीबों को बहुत कम कीमतों पर दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इन केंद्रों पर दवाइयां करीब 90% तक सस्ती होती हैं। सस्ती दवाओं की वजह से गरीबों के हर साल औसतन 3,600 करोड़ रुपये बच रहे हैं।

पीएम ने कहा 2003 में अटल जी की सरकार ने 6 और एम्स बनाने के लिए कदम उठाए। बीते 6 वर्षों में हमारी सरकार 10 नए एम्स बनाने पर काम शुरु कर चुकी हैं। साथ ही देश में 20 एम्स जैसे सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का भी निर्माण किया जा रहा।

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