प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ‘किसान दिवस’ के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धंजलि अर्पित की और कहा कि किसानों के प्रति उनके समर्पण को सदैव याद किया जाएगा।
मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। वे जीवनभर गांवों और किसानों के विकास के प्रति समर्पित रहे, जिसके लिए सदैव उनका स्मरण किया जाएगा।’’
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। वे जीवनभर गांवों और किसानों के विकास के प्रति समर्पित रहे, जिसके लिए सदैव उनका स्मरण किया जाएगा।
— Narendra Modi (@narendramodi) December 23, 2020
उन्होंने किसानों के जीवन और स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए कई नीतियों की शुरुआत की थी। भारत सरकार ने वर्ष 2001 में चौधरी चरण सिंह के सम्मान में हर साल 23 दिसंबर को किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। जिसके बाद से हर साल ये दिन धूमधाम से मनाया जा रहा है।
भारत को कृषि प्रधान देश माना जा रहा है। हमारे देश के किसानों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता रहा है। चौधरी चरण सिंह देश के किसान नेता थे जिन्होंने देश की संसद में किसानों के लिए आवाज बुलंद की थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी है। रक्षा मंत्री ने ट्वीट किया पूर्व प्रधानमंत्री एवं देश के सबसे सम्मानित किसान नेताओं में अग्रणी, चौधरी चरण सिंह जी को उनकी जयंती के अवसर पर मैं स्मरण एवं नमन करता हूँ। चौधरी साहब आजीवन किसानों की समस्याओं को आवाज़ देते रहे और उनके कल्याण के लिए काम करते रहे। देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।
पूर्व प्रधानमंत्री एवं देश के सबसे सम्मानित किसान नेताओं में अग्रणी, चौधरी चरण सिंह जी को उनकी जयंती के अवसर पर मैं स्मरण एवं नमन करता हूँ।
चौधरी साहब आजीवन किसानों की समस्याओं को आवाज़ देते रहे और उनके कल्याण के लिए काम करते रहे। देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 23, 2020
उन्होंने आगे लिखा चौधरी चरण सिंह चाहते थे कि देश के किसानों की आमदनी बढ़े, उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य मिले और किसानों का मान सम्मान सुरक्षित रहे। हमारे प्रधानमंत्री श्री @narendramodi उनकी प्रेरणा से ही किसानों के हित में अनेक कदम उठा रहे हैं। किसानों का वे किसी सूरत में अहित नहीं होने देंगे।
चौधरी चरण सिंह चाहते थे कि देश के किसानों की आमदनी बढ़े, उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य मिले और किसानों का मान सम्मान सुरक्षित रहे।
हमारे प्रधानमंत्री श्री @narendramodi उनकी प्रेरणा से ही किसानों के हित में अनेक कदम उठा रहे हैं। किसानों का वे किसी सूरत में अहित नहीं होने देंगे।
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 23, 2020
राजनाथ सिंह ने लिखा आज किसान दिवस के अवसर मैं देश के सभी अन्नदाताओं का अभिनंदन करता हूँ। उन्होंने देश को खाद्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है। कृषि क़ानूनों को लेकर कुछ किसान आंदोलनरत हैं। सरकार उनसे पूरी संवेदनशीलता के साथ बात कर रही है। मैं आशा करता हूँ कि वे जल्द ही अपने आंदोलन को वापिस लेगें।
आज किसान दिवस के अवसर मैं देश के सभी अन्नदाताओं का अभिनंदन करता हूँ। उन्होंने देश को खाद्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है।
कृषि क़ानूनों को लेकर कुछ किसान आंदोलनरत हैं। सरकार उनसे पूरी संवेदनशीलता के साथ बात कर रही है। मैं आशा करता हूँ कि वे जल्द ही अपने आंदोलन को वापिस लेगें।
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 23, 2020
चरण सिंह 28 जुलाई 1979 से लेकर 14 जनवरी 1980 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। 23 दिसंबर 1902 को उनका जन्म पश्चिमी यूपी के हापुड़ में हुआ था। उनके पिता का नाम चौधरी मीर सिंह थी। उनकी जयंती देश में किसान दिवस के रूप में मनाई जाती है।
वे छेटे ही थे जब उनका परिवार जानी इलाके में जाकर बस गया था। उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से पढाई की और फिर गाजियाबाद में कुछ वक्त के लिए वकालत भी की। वे गांधी जी से काफी प्रभावित थे।
उन्होंने गाजियाबाद में कांग्रेस कमेटी बनाई और जब गांधी जी ने नमक बनाने के लिए डांडी मार्च निकाला तब चरण सिंह ने भी हिंडन में नमक कानून को तोड़ा। इसके लिए उन्हें छह महीने की जेल हुई लेकिन जेल से निकलते ही वह फिर से देश सेवा में लग गए।
वे यूपी के सीएम भी रहे और इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण काम किए। उनकी बदौलत ही किसान सही मायनों में स्वतंत्र हो सका। उन्होंने जमींदारी उन्मूलन किया और किसानों के हित के लिए लेखपाल पद बनाया।
बाद में वे उपप्रधानमंत्री बने और फिर प्रधानमंत्री बन कर देश की सेवा की। उनको आज भी किसान काफी याद करते हैं। खास तौर पर पश्चिमी यूपी के किसान अभी भी उनकी बातें करके देखे जा सकते हैं।