बुरहानपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों के साथ अधिक किराया वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि निजी बस संचालक 195 रुपये के निर्धारित किराए की जगह 300 रुपये तक वसूल रहे हैं। बस स्टैंड पर यात्रियों और ड्राइवरों के बीच इस मुद्दे को लेकर जमकर बहस और हंगामा हुआ। यात्रियों का कहना है कि उन्हें वास्तविक किराए की जानकारी नहीं दी गई और मनमाने तरीके से पैसे वसूले गए।
जांच में यह भी सामने आया कि कई बसों में किराया सूची तक प्रदर्शित नहीं की गई थी। कुछ बसों पर 200 रुपये किराया लिखा मिला, जबकि अधिकतर में कोई सूची ही नहीं थी। परिवहन विभाग द्वारा पहले ही किराया सूची अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन नियमों का पालन नहीं हो रहा है।यात्रियों ने बस संचालकों और एजेंटों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
बुरहानपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना इंदौर आवागमन करते हैं। ऐसे में किराए को लेकर इस तरह की कथित अनियमितता सीधे आम जनता की जेब पर असर डाल रही है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग इस मामले में ठोस कदम उठाएगा या फिर यात्रियों की जेब पर इसी तरह अतिरिक्त बोझ पड़ता रहेगा?