Home mumbai परमबीर सिंह ने मुझे बेल्ट से पीटा, वो अत्याचारी व्यक्ति है, साध्वी प्रज्ञा के खुलासे से जब मच गया था हड़कंप

परमबीर सिंह ने मुझे बेल्ट से पीटा, वो अत्याचारी व्यक्ति है, साध्वी प्रज्ञा के खुलासे से जब मच गया था हड़कंप

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में उस वक्त हड़कंप मच गया जब, एशिया के सबसे बड़े धनपति और देश के सबसे बड़े उद्योगपति अनिल अंबानी के घर एंटीलिया के सामने बीते 25 फरवरी को एक अज्ञात कार खड़ी मिली। पुलिस ने जब सूचना पाकर कार की ज़ॉच की तो उस कार से एक धमकी भरा पत्र मिला। जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय जॉच एंजेंसी को जॉच सौंपी गई।

NIA ने जब अपने तरीके से जॉच शुरु की तो इसमें महाराष्ट्र पुलिस अधिकारी सचिन वाजे का नाम सामने आया, जिससे सभी होश उड़ गये। केंद्रीय जॉच एजेंसी NIA ने पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को गिरफ्तार कर लिया है। NIA ने सचिन वाजे के खिलाफ 120 (बी), 286, 465, 473, 506(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

गुरुवार को इस मामले में NIA के सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला हल किया जा चुका है। सूत्र से मिली जानकारी में आगे कहा गया कि सचिन वाजे एक अन्य “खिलाड़ी” से निर्देश लेता था। बुधवार को महाराष्ट्र पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह का तबादला कर दिय़ा गया था। खास बात है कि परमवीर सिंह ने मंगलवार की रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उनका तबादला होमगार्ड विभाग में कर दिया गया।

आपको बता दें कि ज़ॉच से जुड़े अधिकारियों की मानें तो 13 मार्च को गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सचिन वाजे ने स्वीकार किया था कि वह इस पूरे मामले में अपनी पुरानी प्रसिद्धि और नाम हासिल करने के लिए किसी दूसरे के कहने पर जुड़ा था।

मुंबई पुलिस में सचिन वाजे परमवीर सिंह का वजीर माना जाता है। परमवीर का संरक्षण होने के चलते ही वाजे का लहजा डीसीपी स्तर के अधिकारी से बात करते समय भी दबंग जैसा रहता था। यही कारण है कि वाजे के फंसने के बाद परमवीर सिंह को कमिश्नर के पद से हटा दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक कमिश्नर के पद से हटाये जाने के बाद अब एनआईए की टीम किसी भी वक्त परमवीर सिंह से पूछताछ कर सकती है। परमवीर सिंह उस वक्त चर्चा में आये थे, जब महाराष्ट्र के मालेगांव में नमाज पढ़ने के दैरान बम ब्लास्ट किया गया था। इसकी जॉच मुंबई एटीएस को  सौंपी गई थी। परमवीर सिंह उस वक्त मुंबई एटीएस में ही थे।

तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने मालेगांव बम ब्लास्ट को भगवा आतंकवाद जैसे एक शब्द से गढ़ा था। इस शब्द को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गढ़ा था। इसके बाद ज़ॉच के दौरान परमवीर सिंह ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान परमवीर सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर को जुर्म कबूल करने के लिए काफी प्रताड़ित किया।

प्रज्ञा ठाकुर ने परमवीर सिंह द्वारा दी गई यातनाओं को बताते हुए कहा कि “एक होटल में ले जाकर मुझे टॉर्चर किया गया था। मुझे इतना ज्यादा प्रताड़ित किया गया था कि मैं बेहोश हो गई थी। इसके बाद मुझे एक अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल में जांच के बाद रिपोर्ट से पता चला था कि मार लगने से मेरे फेफड़े की झिल्ली फटी और उसके कारण मैं बेहोश हुई तथा मेरी सांस रूकी।”  उन्होने आगे कहा  कि परमबीर सिंह ने मुझे बेल्ट से पीटा था, वो अत्याचारी व्यक्ति है। उन्होने प्रण किया था कि मैं परमवीर को दंड जरुर दिलवाउंगी। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर मौजूदा वक्त में भारतीय जनता पार्टी से भोपाल की सांसद हैं। प्रज्ञा ठाकुर कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को हराकर संसद पहुंची हैं।

आइये जानते हैं कौन हैं परमवीर सिंह

आपको बता दें कि परमवीर सिंह को उद्धव ठाकरे की सरकार ने मुंबई का पुलिस कमश्नर बनाया था। इससे पहले परमवीर सिंह ATS में डिप्टी आईजी रहें हैं। चंद्रपुर और भंडारा जिला के पुलिस अधीक्षक भी रह चुके हैं। परमवीर सिंह साल 1988 बैच के आईपीएस अफसर हैं। आपको बता दें कि परमवीर के अलावा 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी रजनीश सेठ भी पुलिस कमिश्नर की दावेदारी में थे। लेकिन शिवसेना की उद्धव सरकार ने परमबीर सिंह को वरीयता देते हुए पुलिस कमिश्नर बनाया था। वहीं अब उद्धव सरकार एंटीलिया मामले में सचिन वाजे के फंसने के बाद बुधवार को परमवीर सिंह को उनके पद से हटाकर होमगार्ड विभाग में कर दिया।

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