रिपोर्ट: सत्यम दुबे
बुलंदशहर: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। महामारी के दूसरे लहर ने कई हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया है । कोरोना संक्रमण संक्रमण के साथ देश में ब्लैक फंगस भी अपने पांव पसार रहा है। इस बीच देश की राजधानी से महज 75 किलोमीटर दूर बुलंदशहर के एक गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। दहशत का माहौल इस कदर है कि लोग यहां दहशत में हैं।
आपको बता दें कि गांव में सन्नाटा पसरने से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि गांव में कितना खौफ का माहौल है। लोग नजर भी नहीं आ रहे हैं। यह नजारा है बुलंदशहर के गांव कुंवरपुर का जहां कोरोना महामारी के दौर में 15 दिन के भीतर लगभग 20 से 25 लोगों की मौत हो गई है।
कुछ ग्रामीण इन मौतों का कारण कोरोना बता रहे हैं। तो कई ग्रामीणों का मानना है कि यह स्वभाविक मौत हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि महज 15 दिन के भीतर 20 से 25 मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इसको गम्भीरता से नहीं लिया है।
गांव वालों की माने तो गांव में बुजुर्गों को अभी तक वैक्सीन भी नहीं लगाई गई है और ना ही गांव में कोरोना टेस्ट कराया जा रहे हैं शासन प्रशासन द्वारा गांव में उपचार का कोई इंतजाम तक नहीं है। जबकि गाँव मे कई लोग अभी भी बीमारी से ग्रस्त बताए जा रहे हैं। ऐसे में आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं। हाकिम और हुक्मरान आम आदमी के लिए कितना फिक्रमंद हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ऑकड़े को देखें तो देस में बीते 24 घंटे में कोरोना के 2.67 लाख से अधिक नए केस सामने आए हैं। जबकि 4529 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ा है। वहीं, इस दौरान 3.89 लाख से अधिक कोरोना मरीज ठीक/डिस्चार्ज हुए हैं। भारत में बीते कुछ दिनों से पॉजिटिविटी रेट की तुलना में रिकवरी रेट बढ़ा है लेकिन मौतों की संख्या में गिरावट नहीं है।