संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई। बजट सत्र के दौरान सरकार की नीतियों, आर्थिक दिशा और आगामी वर्ष की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
यह बजट सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा, जिसमें लगभग 30 बैठकें आयोजित होंगी। सत्र का पहला चरण आज से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद संसद ब्रेक के लिए स्थगित हो जाएगी और 9 मार्च से दूसरा चरण शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इस अंतराल में संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की गहन समीक्षा करेंगी।
सरकार की ओर से 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया जाएगा। यह सर्वे वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च) के दौरान देश की आर्थिक स्थिति, प्रमुख संकेतकों और अगले वित्त वर्ष की संभावनाओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इस बार आर्थिक सर्वे को आम बजट से तीन दिन पहले प्रस्तुत किया जा रहा है।
1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया जाएगा। यह दिन रविवार है, लेकिन सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से बजट डे घोषित किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण यह बजट लोकसभा में प्रस्तुत करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जिससे बड़े आर्थिक फैसलों और नीतिगत घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।
बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद पहुंचीं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और किरण रिजिजू ने उनका स्वागत किया। संसद पहुंचने पर राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
बजट से पहले पारंपरिक हलवा सेरेमनी का आयोजन नॉर्थ ब्लॉक में किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उपस्थित रहीं। यह समारोह बजट दस्तावेजों की गोपनीय प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार की नीतियों के तहत सुरक्षा बलों ने माओवादी आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि एक समय देश के 126 जिलों में भय और अविश्वास का माहौल था, जिसका सबसे अधिक असर युवाओं, आदिवासियों और दलितों पर पड़ा। अब माओवादी गतिविधियां केवल 8 जिलों तक सीमित रह गई हैं, जो सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
बजट सत्र की पूर्व संध्या पर सरकार ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक आयोजित की। यह बैठक संसद भवन परिसर में राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें 39 राजनीतिक दलों के 51 नेता शामिल हुए। बैठक में बजट सत्र-2026 के दौरान संसद के सुचारू संचालन और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।
कुल मिलाकर, संसद का यह बजट सत्र देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। 29 जनवरी को आर्थिक सर्वे और 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे विकास, रोजगार, महंगाई और कल्याणकारी योजनाओं की दिशा स्पष्ट होगी।