1. हिन्दी समाचार
  2. विदेश
  3. पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले अपने नागरिकों को नेपाल सरकार की सख्त चेतावनी, न करें ऐसा काम…

पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले अपने नागरिकों को नेपाल सरकार की सख्त चेतावनी, न करें ऐसा काम…

पूर्व ओली सरकार के कारण बेपटरी हुई नेपाल और भारत के संबंध में एक बार फिर मिठास आने लगी है। जिसका ताजा उदाहरण है नेपाल द्वारा अपने नागरिकों को सख्त हिदायत देना। दरअसल नेपाल सरकार ने रविवार को अपने नागरिकों से खफा होकर ऐसी किसी भी तरह के हरकत करने से मना किया है, जिससे उनके मित्र देशों ते सम्मान को नुकसान पहुंचे।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : पूर्व ओली सरकार के कारण बेपटरी हुई नेपाल और भारत के संबंध में एक बार फिर मिठास आने लगी है। जिसका ताजा उदाहरण है नेपाल द्वारा अपने नागरिकों को सख्त हिदायत देना। दरअसल नेपाल सरकार ने रविवार को अपने नागरिकों से खफा होकर ऐसी किसी भी तरह के हरकत करने से मना किया है, जिससे उनके मित्र देशों ते सम्मान को नुकसान पहुंचे।

नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों से कहा कि मित्र देशों के सम्मान को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी निंदनीय और अपमानजनक काम ना करें। दरअसल, नेपाल में कुछ लोगों ने भारत के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया था, जिसके बाद स्थानीय सरकार ने चेतावनी जारी की।

नेपाल के गृह मंत्रालय की ओर से जारी किया गया बयान

नेपाल के गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि गत कुछ दिनों में मित्र देश के प्रधानमंत्री (Prime Minister) की छवि को धूमिल करने के लिए हो रही नारेबाजी, प्रदर्शन और पुतले जलाने की घटना सामने आई है, जो पूरी तरह से गलत है। हालांकि, गृह मंत्रालय ने अपने बयान में नेता की पहचान उजागर नहीं की, लेकिन उसका ये बयान सत्तारूढ़ गठबंधन, विपक्षी दलों से जुड़े कुछ छात्र और युवा संगठनों की ओर से हुए प्रदर्शन के बाद आया है।

दोस्ताना संबंध रखने की इच्छा

प्रदर्शनकारियों ने जुलाई में भारत से लगती सीमा पर महाकाली नदी पार करते हुए नेपाली युवक के डूबने की घटना के विरोध में प्रदर्शन किया था और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया था। बयान में आगे कहा गया है कि ‘नेपाल सरकार की इच्छा सभी मित्र देशों के साथ दोस्ताना संबंध रखने की है और वह प्रतिबद्ध है की ऐसी किसी भी गतिविधि को रोका जाए, जिससे राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंच सकता है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे मित्र देशों के मान-सम्मान को नुकसान पहुंच सकता है’।

सरकार उठाएगी कड़े कदम

गृह मंत्रालय ने कहा कि नेपाल की परपंरा पड़ोसी देशों के साथ विवाद को कूटनीतिक माध्यम से और आपसी बातचीत से सुलझाने की रही है। भविष्य में भी कूटनीतिक पहल और आपसी बातचीत का इस्तेमाल किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए किया जाएगा। बयान में चेतावनी देते हुए कहा गया कि गृह मंत्रालय पड़ोसी देशों को निशाना बनाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए कार्रवाई करेगा और उन लोगों को सजा देगा जो ऐसी गतिविधियों में शामिल होंगे।

इस हादसे पर जताया था गुस्सा

कहा जाता है कि बयास ग्रामीण नगरपालिका के 33 वर्षीय जय सिंह धामी महाकाली नदी अस्थायी रोपवे के माध्यम से पार कर रहे थे, लेकिन भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवानों को देख नदी में कूद गए थे। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, धामी गैर कानूनी तरीके से नेपाल के धारचुला से भारत के उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले स्थित गास्कू आ रहे थे। वहीं, मामले की जांच कर रही नेपाली जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह घटना भारतीय सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में हुई थी।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...